IND vs WI: रांची में हार के बाद भारत को तीसरे टी20 से पहले सुधारनी होंगी ये 3 गलतियां
वेस्टइंडीज के खिलाफ बढ़त हासिल करने के लिए भारत को सुधारनी होंगी गलतियां।
अद्यतन – अक्टूबर 10, 2026 10:02 अपराह्न

भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज रोमांचक हो गई है। रांची में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 6 विकेट से हराकर सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली।
9 अक्टूबर, 2026 को जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर 252 रन बना लिए।
भारत के बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन गेंदबाज इस लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके। अब तीसरे टी20 मुकाबले से पहले भारतीय टीम को अपनी कुछ कमियों पर काम करना होगा। आइए जानते हैं वे तीन चीजें, जिनमें सुधार करना भारत के लिए जरूरी है।
1. गेंदबाजी और आखिरी ओवरों की रणनीति में करना होगा सुधार
भारतीय गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज की पारी की शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने पहले ही ओवर में दो विकेट हासिल कर विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। छह ओवर के भीतर वेस्टइंडीज का स्कोर 58 रन पर तीन विकेट था। ऐसा लग रहा था कि भारत मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत कर लेगा, लेकिन इसके बाद मैच पूरी तरह बदल गया।
शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने चौथे विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए, जबकि रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन की पारी खेली।
मयंक यादव ने तीन ओवर में 36 रन देकर तीन विकेट लिए, लेकिन कुलदीप यादव चार ओवर में 53 रन खर्च करने के बावजूद सिर्फ एक विकेट हासिल कर सके। टीम के बाकी गेंदबाज भी विकेट लेने में सफल नहीं रहे।
भारत को खास तौर पर आखिरी ओवरों में अपनी लाइन और लेंथ पर ध्यान देना होगा। ओस के कारण गेंदबाजों के लिए गेंद पर पकड़ बनाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सही गेंदबाजी रणनीति और बल्लेबाजों के हिसाब से योजना बनाना जरूरी होगा।
2. मध्यक्रम को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ बेहतर खेलना होगा
भारत की दूसरी बड़ी कमजोरी मध्य ओवरों में बल्लेबाजी रही। वेस्टइंडीज के स्पिन गेंदबाज रोस्टन चेज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। उन्होंने अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और शिवम दुबे को आउट किया।
शिवम दुबे चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए, लेकिन 10 गेंदों पर केवल 7 रन बना सके। वह चेज की गेंद पर आउट हो गए। दूसरी ओर, पहले टी20 में शतक लगाने वाले श्रेयस अय्यर ने पांचवें नंबर पर उतरकर 18 गेंदों में 40 रन बनाए। हालांकि, वह तब बल्लेबाजी करने आए, जब भारतीय टीम अपना चौथा विकेट गंवा चुकी थी।
भारतीय टीम को मध्यक्रम की बल्लेबाजी में बेहतर तालमेल बैठाना होगा। स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन बनाने के साथ विकेट बचाए रखना भी जरूरी है। टीम प्रबंधन को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करने और खिलाड़ियों को उनकी भूमिका के अनुसार इस्तेमाल करने पर विचार करना पड़ सकता है।
3. अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में बदलना होगा
भारत के शीर्ष क्रम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन बल्लेबाज अपनी पारियों को और आगे नहीं बढ़ा सके। संजू सैमसन ने 41 गेंदों पर 82 रन बनाए। ईशान किशन ने 22 गेंदों पर 43 रन की पारी खेली, जबकि अभिषेक शर्मा ने 12 गेंदों पर 20 रन बनाए।
हालांकि, तीनों बल्लेबाज अहम समय पर आउट हो गए। अभिषेक का विकेट 42 रन के स्कोर पर गिरा, जबकि ईशान 139 रन के स्कोर पर आउट हुए। संजू सैमसन भी 162 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए।
इसके बाद तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 18 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाए। उनकी पारी की मदद से भारत 249 रन तक पहुंचा, लेकिन टीम इस बड़े स्कोर का बचाव नहीं कर सकी।
अगर शीर्ष क्रम के किसी एक बल्लेबाज ने अंत तक टिककर बल्लेबाजी की होती, तो भारत का स्कोर और बड़ा हो सकता था। तीसरे टी20 में टीम को यह सुनिश्चित करना होगा कि बल्लेबाज अच्छी शुरुआत मिलने के बाद उसे बड़ी पारी में बदलें।
सीरीज 1-1 से बराबर होने के बाद तीसरा मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम होगा। भारतीय टीम को गेंदबाजी में बेहतर योजना बनाने, मध्यक्रम को मजबूत करने और बल्लेबाजों से बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। इन तीन क्षेत्रों में सुधार करके भारत सीरीज में फिर से बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा।
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