
टी20 क्रिकेट को आमतौर पर तेज रन और बड़े शॉट्स का खेल माना जाता है। इस फॉर्मेट में लंबे समय तक क्रीज पर टिककर साझेदारी निभाना आसान नहीं होता। हालांकि, टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में कई ऐसे मौके आए हैं जब बल्लेबाजों ने धैर्य, आक्रामकता और समझदारी के साथ शानदार साझेदारियां कीं।
इन साझेदारियों ने न सिर्फ पारी को संभाला, बल्कि मैच और कभी-कभी पूरे टूर्नामेंट का रुख भी बदल दिया। यहां हम टी20 वर्ल्ड कप इतिहास की तीन सबसे यादगार और रिकॉर्डतोड़ साझेदारियों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं:
3. कुमार संगकारा – महेला जयवर्धने (166 रन)
श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने को क्रिकेट इतिहास की बेहतरीन जोड़ियों में गिना जाता है। वनडे और टेस्ट के साथ-साथ टी20 क्रिकेट में भी इस जोड़ी ने कमाल किया।
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2010 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 166 रनों की शानदार साझेदारी की। यह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास की तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है।
जयवर्धने ने 56 गेंदों पर नाबाद 98 रन बनाए, जबकि संगकारा ने 49 गेंदों में 68 रन जोड़कर उनका अच्छा साथ दिया। इस साझेदारी की बदौलत श्रीलंका ने 195/3 का मजबूत स्कोर बनाया और मैच 57 रनों से जीत लिया।
2. क्विंटन डी कॉक – रिली रूसो (168 रन)
टी20 वर्ल्ड कप 2022 में साउथ अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक और रिली रूसो ने बांग्लादेश के खिलाफ तूफानी बल्लेबाजी की। शुरुआती विकेट गिरने के बाद दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 168 रनों की साझेदारी कर मैच पूरी तरह दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में मोड़ दिया।
डी कॉक ने 38 गेंदों पर 63 रन बनाए, जबकि रूसो ने सिर्फ 56 गेंदों में 109 रनों की विस्फोटक पारी खेली। साउथ अफ्रीका ने 205/5 का स्कोर खड़ा किया और जवाब में बांग्लादेश की टीम सिर्फ 101 रन ही बना सकी। प्रोटियाज ने यह मैच 104 रनों से जीत लिया।
1. एलेक्स हेल्स – जोस बटलर (170 रन)
टी20 वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स और जोस बटलर के नाम दर्ज है। 2022 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ एडिलेड में दोनों ने बिना कोई विकेट गंवाए 170 रनों की ओपनिंग साझेदारी की।
169 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए हेल्स ने 47 गेंदों पर नाबाद 86 रन बनाए, जबकि कप्तान बटलर 49 गेंदों पर 80 रन बनाकर नाबाद रहे। इंग्लैंड ने यह मुकाबला 10 विकेट और 24 गेंद शेष रहते जीत लिया।
इस साझेदारी ने भारत की गेंदबाजी को पूरी तरह बेअसर कर दिया और इंग्लैंड को फाइनल में पहुंचाया। बाद में इंग्लैंड ने टूर्नामेंट जीतकर अपना दूसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब भी जीता।









