एमएस धोनी ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलने की संभावनाओं पर खुलकर अपनी राय रखी है। धोनी का साफ कहना है कि किसी खिलाड़ी के चयन या संन्यास का आधार उम्र नहीं, बल्कि उसका प्रदर्शन और फिटनेस होनी चाहिए। उनके मुताबिक, जब तक कोई खिलाड़ी फिट है और अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तब तक उसे यह बताने का कोई हक नहीं है कि उसे कब तक खेलना चाहिए या कब रिटायर होना चाहिए।
धोनी ने कहा, मेरे लिए उम्र कोई मापदंड नहीं है। असली चीज़ें हैं – प्रदर्शन और फिटनेस। अगर ये दोनों सही हैं, तो खिलाड़ी को खेलने से क्यों रोका जाए? उन्होंने यह भी जोड़ा कि सभी खिलाड़ियों के साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए। चाहे कोई 22 साल का हो या 38 का, अगर वह फिट नहीं है तो उसे फिट होना ही पड़ेगा।
धोनी बोले– उम्र नहीं, फिटनेस और फॉर्म तय करे कोहली-रोहित का 2027 वर्ल्ड कप भविष्य
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीतने के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद से ही फैंस के मन में यह सवाल था कि क्या ये दोनों दिग्गज 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे या नहीं। खुद विराट और रोहित पहले ही संकेत दे चुके हैं कि 2027 वर्ल्ड कप खेलना और भारत को खिताब जिताने की कोशिश करना उनका एक बड़ा लक्ष्य है।
धोनी का मानना है कि यह फैसला किसी और का नहीं, बल्कि खुद खिलाड़ियों का होना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर कोई खिलाड़ी अपने 30 के दशक में है, तो सिर्फ इसी वजह से यह तय नहीं किया जा सकता कि वह अगला वर्ल्ड कप खेलेगा या नहीं। अगर उनमें देश के लिए अच्छा करने की भूख है और वे लगातार अच्छा खेल रहे हैं, तो उन्हें मौका क्यों न मिले?
धोनी ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने 24 साल की उम्र में डेब्यू किया था, तब किसी ने उनसे यह नहीं पूछा था कि वे कितने साल तक खेलेंगे। उसी तरह, आज भी किसी खिलाड़ी को उसकी उम्र के आधार पर जज नहीं किया जाना चाहिए।
आखिर में धोनी ने यही संदेश दिया कि भारतीय क्रिकेट में फैसले भावनाओं या उम्र के आंकड़ों से नहीं, बल्कि मैदान पर किए गए प्रदर्शन और फिटनेस के आधार पर होने चाहिए। अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा इन कसौटियों पर खरे उतरते हैं, तो 2027 वर्ल्ड कप में उनका खेलना बिल्कुल जायज़ है।








