
भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर एक बार फिर चयन नीति पर बहस तेज हो गई है। पूर्व भारतीय ओपनर और मशहूर क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने वनडे टीम की प्लेइंग 11 में पंत को लगातार नजरअंदाज किए जाने पर टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं पर सवाल उठाए हैं।
पंत ने आखिरी बार अगस्त 2024 में वनडे मैच खेला था, इसके बावजूद वह हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय भारतीय टीम का हिस्सा हैं।
आकाश चोपड़ा को इस बात पर हैरानी है कि जब पंत को टीम में चुना जा रहा है, तो उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह क्यों नहीं दी जाती? उनके मुताबिक, पंत जैसे खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर बिठाकर रखना समझ से परे है। चोपड़ा ने कहा कि पंत एक ‘जेनरेशन टैलेंट’ हैं और ऐसे खिलाड़ी को मौके मिलना बेहद जरूरी है।
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा कि यह सच है कि फिलहाल वनडे और टी20 क्रिकेट में पंत के आंकड़े बहुत शानदार नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद टीम उन्हें लगातार स्क्वाॅड में शामिल कर रही है। इससे साफ होता है कि टीम मैनेजमेंट भी उनकी काबिलियत को मानता है। हालांकि, जब पंत के खेलने की बारी आती है, तब उन्हें मौका नहीं दिया जाता।
चोपड़ा का मानना है कि पंत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज के तीनों मुकाबलों में आजमाया जाना चाहिए था। इससे उनके फॉर्म का सही आकलन हो सकता था। अगर पंत अच्छा प्रदर्शन करते, तो वह टीम में अपनी जगह पक्की कर सकते थे। वहीं, अगर वह असफल रहते, तो चयनकर्ताओं के पास उन्हें बाहर करने का ठोस कारण होता।
मौका न मिलने से वनडे में पंत का भविष्य अधर में
उन्होंने आगे कहा कि अब हर नई सीरीज से पहले यही सवाल उठता है कि ऋषभ पंत को क्यों खिलाया जाए। जब मौका था, तब उन्हें आजमाया ही नहीं गया। अब निकट भविष्य में उनके लिए मौका मिलना मुश्किल नजर आ रहा है।
खैर, अब तक ऋषभ पंत भारत के लिए 31 वनडे मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 871 रन बनाए हैं। उनका औसत 33.50 और स्ट्राइक रेट 106.21 का रहा है। इसके अलावा, वह 49 टेस्ट और 76 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेल चुके हैं। हाल के समय में पंत टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा सक्रिय रहे हैं और वहां उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।








