
ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने पर्थ में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए एशेज में 12 साल बाद किसी पेसर द्वारा 10 विकेट लेने का कारनामा किया। स्टार्क ने इंग्लैंड की दोनों पारियों में कहर बरपाया और अपनी घातक गेंदबाज़ी से मैच पर ऑस्ट्रेलिया का पूरा दबदबा बना दिया।
स्टार्क की यह उपलब्धि केवल एशेज के इतिहास में ही नहीं, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में भी एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई, जहाँ वे 200 विकेट पूरे करने वाले सिर्फ तीसरे गेंदबाज बने। उनसे पहले यह उपलब्धि साथी गेंदबाज नाथन लायन और पैट कमिंस हासिल कर चुके हैं।
इंग्लैंड की पहली और दूसरी पारी में स्टार्क का तूफान
पहली पारी में मजबूत शुरुआत के बाद स्टार्क अपनी लय दूसरी पारी तक कायम रखने में सफल रहे। उन्होंने दूसरे दिन की शुरुआत में ही इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज जैक क्रॉली को लगातार दूसरी बार डक पर आउट किया। स्टार्क की तेज और उछाल भरी गेंदों के सामने क्रॉली सिर्फ पाँच गेंद टिक पाए।
इसके बाद जो रूट भी स्टार्क की सटीक लाइन-लेंथ के सामने टिक नहीं पाए और जल्दी ही पवेलियन लौट गए। लेकिन सबसे बड़ा विकेट था इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स का, जिन्हें स्टार्क ने सिर्फ 2 रन पर आउट कर ऑस्ट्रेलिया को निर्णायक बढ़त दिलाई।
स्टोक्स ने पिछले दिन पाँच विकेट लेकर इंग्लैंड को मुकाबले में बनाए रखा था, लेकिन स्टार्क ने उन्हें बेहद अहम समय पर ढेर कर दिया। यह साबित करता है कि स्टार्क बड़े मौकों पर कितना प्रभाव डाल सकते हैं।
एशेज इतिहास में खास स्थान
स्टार्क से पहले किसी तेज गेंदबाज ने आखिरी बार यह प्रदर्शन 2013 में स्टुअर्ट ब्रॉड ने किया था, जब उन्होंने 11 विकेट लिए थे। इसी साल जेम्स एंडरसन ने भी नॉटिंघम में 10 विकेट झटके थे। स्टार्क की यह 10 विकेट की उपलब्धि अब इन महान गेंदबाज़ों की सूची में शुमार हो गई है।
स्टार्क का पर्थ में प्रदर्शन सिर्फ ऑस्ट्रेलिया को बढ़त देने वाला नहीं, बल्कि उनकी मैच-विनिंग क्षमताओं को फिर साबित करने वाला भी रहा। इस 10 विकेट की उपलब्धि ने दिखाया कि जब स्टार्क अपनी गति और सटीकता के चरम पर होते हैं, तो वे दुनिया के किसी भी बल्लेबाज़ी क्रम को अकेले ही तहस-नहस कर सकते हैं।









