
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने श्रीलंका के खिलाफ चौथे टी20 मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद अपने मन की बात खुलकर रखी। उन्होंने कहा कि लगातार लंबे समय तक वनडे क्रिकेट खेलने के बाद टी20 फॉर्मेट में खुद को ढालना मानसिक रूप से काफी मुश्किल होता है। स्मृति का यह बयान उस मैच के बाद आया, जिसमें उन्होंने 48 गेंदों पर 80 रनों की शानदार पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई।
यह मुकाबला 28 दिसंबर को तिरुवनंतपुरम में खेला गया, जहां भारत ने श्रीलंका को 30 रन से हराया। मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गई स्मृति मंधाना ने कहा, लगातार छह महीने तक वनडे खेलने के बाद टी20 में लौटना थोड़ा मुश्किल होता है। टी20 मोड में आना मानसिक तौर पर आसान नहीं था। हालांकि, मेरी योजना वही थी, जैसी मैं वनडे में रखती हूं। मैंने जल्दी क्रीज पर आकर अपनी योजनाओं पर काम किया।
बाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने यह भी बताया कि उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ पहले से कुछ खास रणनीति बना रखी थी, जिसका फायदा उन्हें इस मैच में मिला। शुरुआती तीन मैचों में स्मृति का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने पहले तीन टी20 मुकाबलों में 25, 14 और 1 रन बनाए थे, जिससे वह अपनी लय में नजर नहीं आ रही थीं। लेकिन चौथे मैच में उन्होंने शानदार वापसी कर सबको चौंका दिया।
स्मृति मंधाना ने अपनी ओपनिंग पार्टनर शेफाली वर्मा की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, दूसरे छोर से शेफाली को बल्लेबाजी करते देखना हमेशा अच्छा लगता है। हम दोनों एक-दूसरे को अच्छे से समझते हैं और हमारी जोड़ी टीम के लिए फायदेमंद रही है। मुझे उसकी बल्लेबाजी में आई परिपक्वता देखकर बहुत खुशी होती है।
यह मैच भारत के लिए कई मायनों में खास रहा। इस मुकाबले में स्मृति मंधाना ने 10,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे किए, जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुनिया की चौथी महिला क्रिकेटर बन गईं। भारत की ओर से उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ मिताली राज ने किया था।
एक और प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने के बाद अब सभी की निगाहें 30 दिसंबर को होने वाले पांचवें और आखिरी टी20 मैच पर होंगी। उम्मीद की जा रही है कि स्मृति मंधाना इसी फॉर्म को बरकरार रखते हुए एक बार फिर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाएंगी।








