आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बढ़ती नजर आ रही है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने साफ कहा है कि टूर्नामेंट में खेलने या न खेलने का अंतिम फैसला पाकिस्तान सरकार करेगी। यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
यह पूरा मामला तब और गंभीर हो गया, जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने मैच खेलने से इनकार कर दिया। आईसीसी बोर्ड की 21 जनवरी को हुई बैठक में बांग्लादेश की मांग मैचों को भारत से बाहर कराने की कोशिश खारिज कर दिया गया। इस बैठक में मौजूद 15 सदस्यों में से सिर्फ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बांग्लादेश का समर्थन किया।
आईसीसी ने बांग्लादेश को अपना फैसला बदलने के लिए 24 घंटे का समय दिया था, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) अपने रुख पर अड़ा रहा। इसके बाद आईसीसी ने कड़ा कदम उठाते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया।
ICC के फैसले पर PCB नाराज़, पाकिस्तान ने भी कड़ा रुख अपनाने के दिए संकेत
लाहौर में मीडिया से बात करते हुए मोहसिन नक़वी ने कहा कि बांग्लादेश के साथ नाइंसाफी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आईसीसी दोहरा मापदंड अपना रहा है। नकवी के मुताबिक, अगर कुछ देशों को विशेष परिस्थितियों में राहत दी गई है, तो वही नियम बांग्लादेश पर भी लागू होने चाहिए थे। उन्होंने यह भी कहा कि एक देश दूसरे देश पर फैसले थोप नहीं सकता और पाकिस्तान इस तरह की ‘डिक्टेशन’ को स्वीकार नहीं करेगा।
नकवी के बयान से यह संकेत भी मिला है कि अगर राजनीतिक हालात और बिगड़ते हैं, तो पाकिस्तान भी बांग्लादेश की तरह कड़ा रुख अपना सकता है। PCB ने बांग्लादेश के समर्थन में आईसीसी को एक औपचारिक पत्र भी भेजा था, जिसमें क्षेत्रीय राजनीतिक अस्थिरता का जिक्र किया गया।
इस बीच आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने बोर्ड को बताया कि बांग्लादेश की मांगें टूर्नामेंट नीति के खिलाफ थीं और इससे गलत परंपरा बन सकती थी। आईसीसी ने भारत में सुरक्षा खतरे को मध्यम से कम बताया और वर्ल्ड कप की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया।
अब स्कॉटलैंड को ग्रुप C में जगह दी गई है, जहां वह वेस्टइंडीज, इटली, इंग्लैंड और नेपाल के खिलाफ कोलकाता और मुंबई में खेलेगा। वहीं, बांग्लादेश पूरी तरह टूर्नामेंट से बाहर हो गया है, जो वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे चौंकाने वाले फैसलों में से एक माना जा रहा है। इस पूरे विवाद ने एशिया कप 2025 की यादें भी ताजा कर दी हैं, जब भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल में खेलना पड़ा था।








