
एशेज सीरीज में इंग्लैंड की 4-1 से हार के बाद, माना जा रहा है कि अब इंग्लैंड द्वारा टेस्ट क्रिकेट में अपनाई गई नीती ‘बैजबाॅल’ का अंत हो गया है, और उसे फिर से इस फाॅर्मेट को परंपरागत तरीके से खेलने की जरूरत है। बता दें कि आज 8 दिसंबर को मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी में एशेज सीरीज के पांचवें व आखिरी मुकाबले में इंग्लैंड को 5 विकेट से हराकर, सीरीज को 4-1 के बड़े अंतर से अपने नाम किया।
हालांकि, इससे पहले ऑस्ट्रेलिया लगातार तीन मैच जीतकर सीरीज को अपने नाम कर चुका था। लेकिन इंग्लैंड ने चौथे टेस्ट मैच में जीत दर्ज की और लग रहा था कि वह आखिरी टेस्ट मैच को जीतकर दौरे का सुखद अंत करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इंग्लैंड को ना सिर्फ आखिरी टेस्ट मैच में हार का सामना करना पड़ा, बल्कि पूरी सीरीज के दौरान उसकी बल्लेबाजी ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों के सामने पानी भरती हुई नजर आई।
दूसरी ओर, अब इंग्लैंड क्रिकेट टीम की करारी हार के बाद, पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर Geoffrey Boycott इंग्लैंड टेस्ट टीम के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम को बर्खास्त करने की मांग करते हुए नजर आए हैं। साथ ही बाॅयकाॅट ने मैकुलम को एक जुआरी करार दिया है।
Geoffrey Boycott की बड़ी प्रतिक्रिया
एशेज सीरीज 2025-26 में इंग्लैंड की 4-1 से करारी के हार के बाद, जैफरी बाॅयकाॅट ने द टेलीग्राफ में लिखे अपने काॅलम में कहा- इंग्लैंड के तीन बुद्धिमान व्यक्ति, तीन मूर्ख निकले। ब्रेंडन मैकुलम, रॉब की और बेन स्टोक्स ने तीन साल तक सिर्फ झूठ (बैजबाॅल को लेकर) बेचा।
मैकुलम का सिद्धांत है कि अपनी मनमर्जी करो। दुनिया की परवाह किए बिना खेलो। कोई उन्हें डांटता नहीं, कोई जवाबदेही नहीं, और ना ही किसी को टीम से बाहर नहीं किया जाता, इसलिए वे वही बेवकूफी भरी हरकतें करते रहते हैं।
बाॅयकाॅट ने आगे कहा- मुझे ब्रेंडन पसंद है। मैं किसी ऐसे व्यक्ति को भी नहीं जानता जो उसे नापसंद करता हो, और वह इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक नई ऊर्जा लेकर आया है, जो रोमांचक रही है, लेकिन ब्रेंडन एक जुआरी है, जो सोचता है कि वह हमेशा अपना पैसा वापस जीत लेगा।
कैसीनो हमेशा इसी तरह खेले जाते हैं। कितने उम्मीदें रखने वाले खिलाड़ी अच्छी शुरुआत करते हैं, लेकिन अंत में हार जाते हैं? इसका कारण यह है कि उन्हें यह नहीं पता होता कि कब रुकना है या अपनी दिनचर्या बदलनी है।








