
सचिन तेंदुलकर, जिन्हें “क्रिकेट का भगवान” कहा जाता है, के लिए 2012 में सबसे मुश्किल समय तब आया जब बीसीसीआई के सिलेक्टर्स ने इशारा किया कि अब उनके रिटायर होने का समय आ गया है। पूर्व चीफ सिलेक्टर संदीप पाटिल ने हाल ही में विक्की ललवानी के पॉडकास्ट पर पर्दे के पीछे की ड्रामैटिक बातचीत शेयर की, जिसमें तेंदुलकर के हैरान करने वाला रिएक्शन के बारे में बताया।
पाटिल ने विक्की ललवानी के पॉडकास्ट पर कहा, “मुझे नागपुर टेस्ट का आखिरी दिन याद है, जब हम 2012 में इंग्लैंड से हार गए थे। मेरे साथी सिलेक्टर, राजेंद्र सिंह हंस और मैं सचिन से मिलने की परमिशन लेने एसीयू (एंटी-करप्शन यूनिट) गए थे। हमने मैनेजर से परमिशन ली और सचिन को बुलाया। मैंने चेयरमैन के तौर पर उनसे पूछा, ‘आपके क्या प्लान हैं?’ सिलेक्शन कमिटी ने तय किया था कि उनके योगदान से टीम को कोई मदद नहीं मिल रही है। पूरा देश मेरे खिलाफ हो गया, लेकिन हमने उन्हें कभी ड्रॉप नहीं किया। उन्होंने पहले वनडे और फिर टेस्ट से रिटायरमेंट का ऐलान किया।”
‘सैंडी, मैं अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर रहा हूं।’ – तेंदुलकर
“वह हैरान थे और सही भी था। उन्होंने कहा ‘क्यों?’ मैंने कहा कि कमिटी को लगा कि हमें आपके रिप्लेसमेंट को देखने की जरूरत है, और वह हैरान रह गए। उन्होंने मुझे फिर से कॉल किया और पूछा, ‘क्या तुम सीरियस हो?’ मैंने कहा, हां। बाद में, जब उन्होंने रिटायर होने का फैसला किया, तो उन्होंने मुझे कॉल करके कहा, ‘सैंडी, मैं अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर रहा हूं।’ मुझे दुख है कि हमें इतना कठोर फैसला लेना पड़ा।”
पाटिल ने यह भी बताया कि शुरू में सचिन का हटने का कोई इरादा नहीं था। उनके मुताबिक, सचिन ने उनसे मिलने के बाद साफ कहा था कि वह खेलना जारी रखना चाहते हैं। हालांकि, एक हफ्ते के अंदर ही सचिन ने वनडे इंटरनेशनल से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया, ठीक उससे कुछ दिन पहले जब भारत को पाकिस्तान के साथ तीन मैचों की सीरीज खेलनी थी।









