
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 2026 की टी20 सीरीज में ईशान किशन की शानदार वापसी चर्चा का विषय बनी हुई है। लंबे समय बाद टीम इंडिया में लौटे ईशान ने न सिर्फ अपनी जगह पक्की की, बल्कि चयनकर्ताओं के फैसले को भी सही साबित किया। इस पूरे मामले पर टी20 वर्ल्ड कप विजेता व पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने चयन समिति की खुलकर तारीफ की है।
बता दें कि अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति को अक्सर फैसलों को लेकर आलोचना झेलनी पड़ती है, लेकिन इरफान पठान का मानना है कि इस बार उन्होंने बेहद साहसी और सही कदम उठाया। उन्होंने कहा कि उप-कप्तान शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी को बाहर कर ईशान किशन को वापस लाना बिल्कुल आसान फैसला नहीं था, लेकिन यह फैसला पूरी तरह सफल रहा।
ईशान किशन ने दो साल से ज्यादा समय बाद भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और तुरंत ही प्रभाव छोड़ा। उन्होंने इस सीरीज में चार पारियों में 215 रन बनाए, उनका औसत 53.75 रहा और स्ट्राइक रेट 231 से ज्यादा का रहा।
वह सीरीज के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। खास तौर पर तिरुवनंतपुरम में खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मैच में ईशान ने सिर्फ 43 गेंदों में विस्फोटक शतक जड़ दिया।
इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा घरेलू क्रिकेट के दौरान ईशान ने अपने खेल पर काफी काम किया, खासकर ऑफ-साइड शॉट्स पर। इसका असर मैदान पर साफ दिखा। उन्होंने ईश सोढ़ी जैसे अनुभवी गेंदबाज के एक ओवर में 29 रन ठोक दिए, जो किसी भी बल्लेबाज के आत्मविश्वास को दर्शाता है।
पठान ने ईशान की फिटनेस की भी तारीफ की। शतक लगाने के बाद भी उन्होंने पूरे मैच विकेटकीपिंग की, जो उनकी शारीरिक तैयारी को दिखाता है। उन्होंने कहा कि फ्लैट पिचों पर ईशान को रोकना लगभग नामुमकिन है, जहां गेंद बल्ले पर अच्छे से आती है। हालांकि, असली परीक्षा धीमी और मुश्किल विकेटों पर होगी, खासकर ऑफ-साइड पर खेलने की।
इरफान के मुताबिक, ईशान किशन ने इस प्रदर्शन से साफ कर दिया है कि वह किसी भी हाल में बेंच पर बैठने के मूड में नहीं हैं, भले ही तिलक वर्मा की वापसी क्यों न हो। सही समय पर फॉर्म में आना और मौके का पूरा फायदा उठाना ईशान की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है।









