टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला इंग्लैंड से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस अहम मैच से पहले भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे के बचपन के कोच सतीश सामंत ने उन पर भरोसा जताया है और कहा है कि वह टीम को फाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस टूर्नामेंट में शिवम दुबे ने भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर में शानदार प्रदर्शन किया है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने छह पारियों में 166 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट लगभग 156.60 रहा है। जरूरत के समय तेज रन बनाने की उनकी क्षमता टीम के लिए काफी फायदेमंद साबित हुई है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भी दुबे ने दबाव के समय बेहतरीन बल्लेबाजी की थी। उस मैच के 19वें ओवर में उन्होंने तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदों पर दो अहम चौके लगाए। इन शॉट्स की बदौलत भारत ने मैच जीत लिया और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
वानखेड़े की पिच का अनुभव भारत के खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद
सतीश सामंत का मानना है कि मुंबई के मैदान पर खेलने का अनुभव भारतीय खिलाड़ियों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने कहा कि हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी यहां की पिच और परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। ये सभी खिलाड़ी मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके हैं, इसलिए उन्हें इस मैदान पर खेलने का अच्छा अनुभव है।
सामंत ने यह भी कहा कि सेमीफाइनल में टॉस काफी अहम भूमिका निभा सकता है। उनका मानना है कि इस मैदान पर पहले गेंदबाजी करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। शाम के समय ओस पड़ने की वजह से दूसरी पारी में गेंदबाजों के लिए गेंद को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उससे लगता है कि पिच पर थोड़ी अतिरिक्त उछाल मिल सकती है। ऐसे में तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलने की संभावना रहती है।
हालांकि, भारत ने इस वर्ल्ड कप में वानखेड़े स्टेडियम में एक मैच पहले बल्लेबाजी करते हुए भी जीता है। यह मुकाबला यूएसए क्रिकेट टीम के खिलाफ था, जिसमें भारत ने 29 रन से जीत दर्ज की थी।








