
विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में दिल्ली कैपिटल्स महिला टीम की स्थिति इस समय काफी मुश्किल नजर आ रही है। जेमिमा रोड्रिग्स की कप्तानी में खेल रही दिल्ली टीम चार मैच खेलने के बाद पॉइंट्स टेबल में आखिरी स्थान पर है। टीम ने अब तक सिर्फ एक मैच जीता है और तीन मुकाबले हारे हैं। दिल्ली के पास केवल 2 अंक हैं और प्रतियोगिता में उनका नेट रन रेट सबसे खराब है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
WPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन
दिल्ली की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले मैच में उन्हें मुंबई इंडियंस महिला टीम से 50 रन की बड़ी हार झेलनी पड़ी। इसके बाद गुजरात जायंट्स के खिलाफ टीम लक्ष्य के काफी करीब पहुंची, लेकिन 4 रन से मैच हार गई।
दिल्ली को एकमात्र जीत UP वॉरियर्ज के खिलाफ मिली, जहां उन्होंने 7 विकेट से जीत दर्ज की। हालांकि, इस जीत की लय ज्यादा देर नहीं चली और अगला मुकाबला RCB महिला टीम से 8 विकेट से हार गई।
चार मैचों में दिल्ली ने कुल 674 रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में 727 रन लुटा दिए हैं। पावरप्ले में दिल्ली की गेंदबाजी सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभरी है। टीम ने चार मैचों में सिर्फ 3 विकेट पावरप्ले में लिए हैं, जो सभी टीमों में सबसे कम है। शिखा पांडे के बाहर जाने और मारिजान काप की फिटनेस पूरी तरह वापस न आने से नई गेंद से विकेट लेने में परेशानी हो रही है।
दिल्ली का मिडिल ऑर्डर (नंबर 4 से 7) भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। इस हिस्से का औसत WPL इतिहास में दूसरे सबसे खराब स्तर पर है, जिससे बड़े स्कोर बनाने या लक्ष्य हासिल करने में टीम को दिक्कत हो रही है।
चार मैचों के बाद दिल्ली पांचवें स्थान पर है और उनका नेट रन रेट -0.856 है। RCB महिला टीम पांच में से पांच मैच जीतकर टॉप पर है, जबकि बाकी तीन टीमों के पास भी दिल्ली से दोगुने अंक हैं।
क्वालिफिकेशन का समीकरण
अब दिल्ली कैपिटल्स के लिए स्थिति करो या मरो जैसी है। अगर दिल्ली अपने बचे हुए सभी 4 मैच जीतती है, तब भी उनका प्लेऑफ में पहुंचना तय नहीं होगा। उन्हें दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा।
अगर चार से कम मैच जीते, तो दिल्ली का प्लेऑफ से बाहर होना लगभग तय माना जा सकता है। कुल मिलाकर, दिल्ली कैपिटल्स को अब न सिर्फ जीत चाहिए, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी, तभी उनकी प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रह सकती हैं।









