एशेज 2025-26 सीरीज के आखिरी और न्यू ईयर टेस्ट से पहले इंग्लैंड ने साफ कर दिया है कि वह अपनी खेलने की शैली में कोई बदलाव नहीं करेगा। भले ही टीम सीरीज पहले ही हार चुकी हो, लेकिन इंग्लिश बल्लेबाज जैक क्रॉली ने पुष्टि की है कि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर खेले जाने वाले पांचवें टेस्ट में भी इंग्लैंड पुरानी ‘बैजबाॅल’ रणनीति के साथ ही मैदान पर उतरेगा। यह मुकाबला रविवार, 4 जनवरी से शुरू होगा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए इस टेस्ट में स्पिन विभाग की कमान टॉड मर्फी संभाल सकते हैं। नाथन लायन के चोटिल होने के बाद मर्फी ऑस्ट्रेलिया के मुख्य स्पिनर बनकर उभरे हैं। लायन को एडिलेड टेस्ट के दौरान हैमस्ट्रिंग इंजरी हो गई थी, जिसके बाद उन्हें सीरीज से बाहर होना पड़ा। ऐसे में मर्फी को अब फाइनल टेस्ट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका मिलेगा।
हालांकि, इंग्लैंड के ओपनर जैक क्रॉली इससे बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इंग्लैंड का खेलने का तरीका नतीजों पर निर्भर नहीं करता। उन्होंने साफ कहा कि चाहे सामने कोई भी गेंदबाज हो, टीम का मकसद हमेशा दबाव बनाकर खेलने का रहेगा। क्रॉली के मुताबिक, टॉड मर्फी एक अच्छे गेंदबाज हैं, लेकिन इंग्लैंड उन्हें भी उसी तरह खेलने की कोशिश करेगा, जैसे वह बाकी गेंदबाजों के खिलाफ करता है।
सिडनी टेस्ट में मर्फी बनाम इंग्लैंड बल्लेबाजों की जंग
क्रॉली ने माना कि इस आक्रामक अंदाज में खेलने में जोखिम जरूर होता है, खासकर तब जब पिच से टर्न मिल रही हो। उन्होंने कहा कि अगर गेंद घूमती है, तो स्पिनर खतरनाक हो सकता है, लेकिन फिर भी इंग्लैंड दबाव बनाकर खेलने से पीछे नहीं हटेगा।
ऑस्ट्रेलिया फिलहाल सीरीज में 3-1 की बढ़त बनाए हुए है, इसलिए मर्फी के पास खुलकर खेलने और प्रदर्शन करने का पूरा मौका है। वहीं इंग्लैंड के पास खोने के लिए कुछ नहीं है और वह सम्मान के लिए यह मुकाबला जीतना चाहेगा। ऐसे में मर्फी और इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों के बीच की टक्कर इस टेस्ट का सबसे रोचक पहलू हो सकती है।
पांचवें टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम
जैक क्रॉली, बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), ब्रायडन कार्स, विल जैक्स, मैथ्यू पॉट्स, जोश टंग और शोएब बशीर।







