
इंग्लैंड के अनुभवी ऑलराउंडर क्रिस जॉर्डन ने क्रिकट्रैकर के साथ हाल ही में एक खास बातचीत में इंग्लैंड की ‘बैजबॉल’ रणनीति और जो रूट के टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने की संभावनाओं पर खुलकर बात की। जॉर्डन का मानना है कि जो रूट में वह सब कुछ है, जो उन्हें लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बनाए रख सकता है।
क्रिस जॉर्डन ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई वजह नहीं दिखती कि जो रूट भविष्य में सचिन तेंदुलकर के टेस्ट रनों के आंकड़े को पार क्यों नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि वह जो रूट को निजी तौर पर जानते हैं और उनकी मानसिकता, मेहनत करने की भूख और खुद को लगातार बेहतर बनाने की चाह उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। यही गुण हैं, जिनकी वजह से जो रूट इतने लंबे समय से शानदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं।
जॉर्डन ने यह भी कहा कि रूट ने अपने करियर में कई चुनौतियों का सामना किया है। उदाहरण के तौर पर, ऑस्ट्रेलिया में शतक न लगा पाने की बात लंबे समय तक उनके साथ जुड़ी रही, लेकिन उन्होंने इस एशेज सीरीज में कुछ ही मैचों में इस कमी को दूर कर दिया। जॉर्डन के मुताबिक, यह जज्बा और दृढ़ निश्चय ही किसी खिलाड़ी को लंबा करियर देता है।
बैजबॉल पर जॉर्डन का भरोसा, जो रूट को बताया रिकॉर्ड तोड़ने वाला खिलाड़ी
इंग्लैंड की मौजूदा एशेज सीरीज पर बात करते हुए क्रिस जॉर्डन ने ‘बैजबॉल’ रणनीति का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ स्कोरलाइन देखकर यह मान लेना गलत है कि यह रणनीति असफल रही है।
जॉर्डन के अनुसार, हर टेस्ट मैच में ऐसे कई सत्र रहे जहां इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाया और कई बार मैच में बढ़त भी हासिल की। हालांकि, इंग्लैंड उन मौकों का पूरी तरह फायदा नहीं उठा सका।
उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट पांच दिनों का खेल है और पूरे समय फोकस बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने जो जुझारूपन दिखाया, उससे साफ है कि टीम ने हार नहीं मानी थी। बेन स्टोक्स ने जिस तरह की प्रतिक्रिया अपने खिलाड़ियों से मांगी थी, वह उन्हें देखने को मिली।
क्रिस जॉर्डन ने यह भी कहा कि सीरीज भले ही हाथ से निकल जाए, लेकिन खिलाड़ियों के लिए खेलने की वजहें खत्म नहीं होतीं। विदेशी दौरों पर बड़ी संख्या में फैंस आते हैं, व्यक्तिगत गर्व होता है और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के हर मैच का महत्व होता है।
कुल मिलाकर, जॉर्डन का मानना है कि जो रूट में लंबी रेस का घोड़ा बनने के सारे गुण हैं और अगर वह फिट और प्रेरित रहे, तो सचिन तेंदुलकर का टेस्ट में सबसे अधिक रनों का रिकॉर्ड भी एक दिन टूट सकता है।









