
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि भारतीय टी20 टीम में तिलक की भूमिका वही होनी चाहिए, जो लंबे समय तक विराट कोहली निभाते रहे। पठान के अनुसार, दबाव में टिककर खेलने और पारी संभालने की जिम्मेदारी तिलक वर्मा के कंधों पर होगी, जो टीम के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।
विराट कोहली टी20 वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने 35 मैचों में 1292 रन बनाए, औसत करीब 59 रहा और 15 अर्धशतक जड़े। कोहली दो बार प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने और 2024 में भारत को खिताब जिताने के बाद इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। इरफान पठान का मानना है कि अब वही जिम्मेदारी तिलक वर्मा निभा सकते हैं।
पठान ने तिलक के एशिया कप 2025 फाइनल के प्रदर्शन को खास तौर पर याद किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ उस मैच में तिलक की पारी निर्णायक साबित हुई थी और अगर वह पारी नहीं होती, तो भारत शायद ट्रॉफी नहीं जीत पाता।
टीम इंडिया की स्थिरता की सबसे बड़ी उम्मीद बने तिलक वर्मा
पठान के मुताबिक, तिलक ने नंबर 3 और 4 पर बल्लेबाजी करते हुए दबाव को बखूबी झेला है और जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट भी लगाए हैं। यह बिल्कुल वैसा ही रोल है, जैसा विराट कोहली संकट के समय निभाते थे।
इरफान पठान ने यह भी कहा कि मौजूदा भारतीय टीम में कई बल्लेबाज हाई-रिस्क क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन उनमें निरंतरता की कमी है। ऐसे में तिलक वर्मा टीम को स्थिरता देते हैं।
2025 में तिलक का टी20I प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 20 मैचों में 567 रन बनाए, औसत 47.25 का रहा व चार अर्धशतक भी लगाए। इसी प्रदर्शन के दम पर वह आईसीसी टी20I रैंकिंग में तीसरे नंबर पर पहुंचे।
पठान ने आगे कहा कि सूर्यकुमार यादव की हालिया खराब फॉर्म भी तिलक की अहमियत बढ़ाती है। हार्दिक पांड्या पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है, जबकि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी आक्रामक जरूर हैं, लेकिन हमेशा भरोसेमंद नहीं। ऐसे में तिलक वर्मा टीम की ‘ग्लू’ यानी जोड़ हैं, जो बल्लेबाजी क्रम को संभालकर रखते हैं।
खैर, भारत का टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान 7 फरवरी से अमेरिका के खिलाफ मुंबई में शुरू होगा। इरफान पठान का मानना है कि अगर तिलक वर्मा फिट रहते हैं और अपनी पुरानी लय में खेलते हैं, तो भारत के खिताब जीतने की संभावनाएं काफी मजबूत होंगी।









