
विदर्भ ने अपनी पारी 317/8 पर खत्म की हाई-प्रेशर फाइनल के लिए यह एक बहुत बड़ा स्कोर है, सौराष्ट्र ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया, जिसके बाद विदर्भ के ओपनर्स अथर्व तायडे और अमन मोखाडे ने हालात के हिसाब से एकदम सही खेला।
उन्होंने नई गेंद का सम्मान किया, शुरुआती चुनौती का सामना किया और 50 से ज्यादा रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप करके टीम को एक मजबूत शुरुआत दी और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया।
तायडे और राठौड़ की पार्टनरशिप के दौरान मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। दोनों ने अपनी पारी को खूबसूरती से आगे बढ़ाया, स्ट्राइक रोटेट करते रहे और फिर गियर बदलकर बॉलिंग पर हावी हो गए। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए मैच का रुख बदलने वाली 133 रन की पार्टनरशिप की, जिसमें ताइडे ने शानदार, बेहतरीन सेंचुरी बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने का रास्ता बनाया।
आखिरी ओवरों में विकेट गिरने के बावजूद, जिसमें सौराष्ट्र के अंकुर पंवार ने शानदार 4 विकेट लेकर कमाल किया, विदर्भ के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अहम पारियां खेलकर स्कोर को 300 के पार पहुंचाया। सौराष्ट्र के लिए यह एक मुश्किल लक्ष्य है, और ट्रॉफी जीतने के लिए उन्हें बल्ले से कुछ खास करना होगा।
दोनों टीमों ने शानदार सेमीफाइनल जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई, विदर्भ ने कर्नाटक को हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि सौराष्ट्र ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में पंजाब को हराया। विदर्भ अपनी पहली विजय हजारे ट्रॉफी जीतने की कोशिश करेगा, जो पिछले सीज़न में इसके करीब पहुंचा था, जबकि सौराष्ट्र अपनी तीसरी चैंपियनशिप जीतने की कोशिश करेगा, जिसने यह ट्रॉफी पहले दो बार जीती है।
प्लेइंग इलेवन
सौराष्ट्र: हार्विक देसाई (कप्तान और विकेटकीपर), विश्वराज जड़ेजा, प्रेरक मांकड़, सम्मर गज्जर, चिराग जानी, रुचित अहीर, पार्श्वराज राणा, धर्मेंद्रसिंह जाडेजा, अंकुर पनवार, जयदेव उनादकट, चेतन सकारिया
विदर्भ: अथर्व तायडे, अमन मोखड़े, फैज़ मोहम्मद शेख, रविकुमार समर्थ, रोहित बिनकर (विकेटकीपर), यश राठौड़, नचिकेत भुटे, हर्ष दुबे (कप्तान), पार्थ रेखाडे, यश ठाकुर, दर्शन नालकांडे








