
आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले एक बड़ा विवाद सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बांग्लादेश के पत्रकारों को मीडिया एक्रिडिटेशन (मान्यता) देने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद बांग्लादेशी मीडिया जगत में नाराजगी और चिंता का माहौल है। यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है, लेकिन अब मीडिया एक्सेस को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक भी पत्रकार को भारत या श्रीलंका में होने वाले मुकाबलों को कवर करने की अनुमति नहीं दी गई। यह फैसला इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि कई पत्रकारों का दावा है कि उन्हें पहले ICC की तरफ से कन्फर्मेशन ईमेल मिला था, लेकिन बाद में एक दूसरा मेल आया जिसमें उनकी आवेदन प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया।
एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि 20 जनवरी को उन्हें पुष्टि का संदेश मिला, लेकिन कुछ दिनों बाद बिना किसी स्पष्ट कारण के उनका आवेदन खारिज कर दिया गया। ऐसे ही अनुभव अन्य पत्रकारों ने भी साझा किए हैं।
सीनियर बांग्लादेशी पत्रकारों का कहना है कि ICC पहले भी ऐसे टूर्नामेंट्स में मीडिया को मान्यता देता रहा है, जहां संबंधित देश की टीम हिस्सा नहीं ले रही होती थी। ऐसे में सभी बांग्लादेशी आवेदनों को एक साथ खारिज किया जाना ICC की पुरानी परंपरा से हटकर माना जा रहा है।
बांग्लादेश के खेल पत्रकार संघों ने इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है और संकेत दिए हैं कि वे जल्द ही आगे की रणनीति का ऐलान करेंगे। पत्रकार संगठनों का कहना है कि ICC की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की मीडिया समिति के चेयरमैन अमजद हुसैन ने पुष्टि की कि करीब 130 से 150 बांग्लादेशी पत्रकारों ने एक्रिडिटेशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनकी जानकारी के अनुसार सभी के आवेदन खारिज कर दिए गए हैं।
हालांकि, ICC ने अब तक इस मुद्दे पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, ICC के मीडिया विभाग ने बांग्लादेश की एक प्रतिनिधि मीडिया संस्था से पत्रकारों की सूची मांगी है। यह भी संकेत मिले हैं कि प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकती है और संभव है कि श्रीलंका में होने वाले मैचों के लिए कुछ पत्रकारों को अनुमति मिले।







