T20 World Cup 2026: जानें अभी भी कैसे सेमीफाइनल में जगह बना सकती है भारतीय टीम?

फरवरी 23, 2026

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T20 WC 2026, IND vs SA (image via getty)

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से 76 रन की हार के बाद, गत चैंपियन भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है। सुपर-8 चरण में हर मैच लगभग नॉकआउट जैसा होता है। जो टीम लगातार जीतती है, उसके लिए अंतिम चार में जगह बनाना आसान हो जाता है। लेकिन पहले ही मैच में हार मिलने से अब भारत को सिर्फ अपनी जीत ही नहीं, बल्कि अन्य टीमों के परिणामों पर भी नजर रखनी होगी।

भारत के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति, नेट रन रेट भी बनेगा निर्णायक

अब भारतीय टीम के सामने साफ समीकरण है उसे अपने बचे हुए दोनों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। भारत का अगला मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 फरवरी को चेन्नई में खेला जाएगा, जबकि 1 मार्च को कोलकाता में वेस्टइंडीज से भिड़ंत होगी। अगर भारत ये दोनों मैच जीत लेता है, तो उसके कुल 4 अंक हो जाएंगे।

अगर दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी तीनों मैच जीतकर 6 अंक हासिल कर लेता है, तो वह सुपर 8 ग्रुप 1 में शीर्ष पर रहेगा और भारत 4 अंकों के साथ दूसरी सर्वश्रेष्ठ टीम के रूप में सेमीफाइनल में पहुंच सकता है।

लेकिन अगर भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे के 4-4 अंक हो जाते हैं, तो फैसला नेट रन रेट (NRR) से होगा। ऐसे में भारत को बचे दो मैचों में से किसी एक में बड़ी जीत दर्ज करनी होगी, ताकि उसका नेट रन रेट बेहतर हो सके।

फिलहाल भारत का नेट रन रेट -3.800 है, जो काफी खराब स्थिति में है। इसलिए टीम को सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। अगर भारत अपने किसी भी मैच में हार जाता है, तो उसका टूर्नामेंट से बाहर होना लगभग तय है।

बारिश भी समीकरण बिगाड़ सकती है। सुपर-8 में किसी भी मैच के लिए रिजर्व डे नहीं है। अगर बारिश के कारण कोई मुकाबला रद्द होता है, तो दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेंगे। इससे नेट रन रेट की अहमियत और बढ़ जाएगी। ऐसे में भारत को अपने प्रदर्शन के साथ-साथ मौसम की भी दुआ करनी होगी। कुल मिलाकर, अब हर मैच टीम इंडिया के लिए करो या मरो जैसा है।

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