
आईपीएल मैच के दौरान राहुल तेवतिया से जुड़ा एक दिलचस्प और थोड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया, जब उन्हें मैदान पर उतरते ही अपना बैट बदलने के लिए कहा गया। यह घटना उस समय हुई जब वह पंजाब किंग्स के खिलाफ 31 मार्च को खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटन्स की ओर से बल्लेबाजी करने आए थे।
दरअसल, वॉशिंगटन सुंदर के आउट होने के बाद तेवतिया क्रीज पर पहुंचे थे, लेकिन इससे पहले कि वह गेंद का सामना करते, अंपायर ने उनका बैट चेक करने के लिए खेल रोक दिया। यह जांच ‘बैट गेज’ के जरिए की गई, जो यह सुनिश्चित करता है कि बैट तय नियमों के अनुसार ही हो। जांच में उनका बैट निर्धारित मापदंडों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद अंपायर ने उन्हें तुरंत बैट बदलने को कहा।
खैर, यह नियम कोई नया नहीं है। आईपीएल में अप्रैल 2025 से इस तरह की जांच शुरू की गई है, ताकि बैट और गेंद के बीच संतुलन बना रहे और खिलाड़ी बड़े या अनियमित बैट का फायदा न उठा सकें।
इस नियम की शुरुआत सबसे पहले 2018 में इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड द्वारा की गई थी। क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के अनुसार बैट की चौड़ाई, मोटाई और किनारों की साइज तय की गई है।
मैच की बात करें तो तेवतिया ने आखिरकार बैट बदलकर बल्लेबाज़ी की और 10 गेंदों में 11 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी टीम गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 162 रन बनाए।
वहीं, पंजाब किंग्स की टीम ने इस लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम मुश्किल में है, लेकिन अंत में उन्होंने 5 गेंदें रहते मैच जीत लिया। पंजाब किंग्स को मैच में 3 विकेट से रोमांचक जीत दिलाने में ऑलराउंडर कूपर काॅनली की भूमिका
अहम रही, जो 44 गेंदों में 72* रन बनाकर नाबाद रहे।







