अफगानिस्तान के खिलाफ 6 जून से न्यू चंडीगढ़ में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले भारतीय क्रिकेट टीम में एक नया चेहरा जुड़ने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को टीम के साथ, बैकअप खिलाड़ी के रूप में शामिल किए जाने की खबर है।
हालांकि, उन्हें अभी अंतिम प्लेइंग स्क्वॉड का हिस्सा नहीं बनाया गया है, लेकिन भारतीय टीम के माहौल में अनुभव दिलाने और भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
रणजी ट्रॉफी में किया शानदार प्रदर्शन
पिछले दो घरेलू सीजन में आकिब नबी ने अपनी गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। उन्होंने सिर्फ 18 रणजी मुकाबलों में 104 विकेट हासिल किए हैं, जो उनकी निरंतरता और क्षमता को दर्शाता है।
2024-25 रणजी ट्रॉफी में नबी ने 44 विकेट लेकर टूर्नामेंट के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज का स्थान हासिल किया था। इसके बाद 2025-26 सीजन में उन्होंने और भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मैचों में 60 विकेट झटके। इस दौरान उनका औसत सिर्फ 12.65 रहा, जो किसी भी तेज गेंदबाज के लिए बेहद प्रभावशाली माना जाता है।
जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक जीत के हीरो
आकिब नबी जम्मू-कश्मीर की पहली रणजी ट्रॉफी जीत के सबसे बड़े खिलाड़ी के रूप में शामिल रहे। पूरे सीजन में उन्होंने 7 बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया।
फाइनल मुकाबले में मजबूत कर्नाटक टीम के खिलाफ उन्होंने पहली पारी में 5 विकेट लेकर अपनी टीम की जीत की नींव रखी। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया।
जब अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा हुई थी, तब आकिब नबी का नाम नहीं होने पर कई क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने सवाल उठाए थे। अब टीम के साथ उनका जुड़ना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड उन्हें भविष्य के टेस्ट गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा मान रहा है।
अगर नबी इसी तरह घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले समय में वह जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाजों के साथ भारतीय टेस्ट टीम में स्थायी जगह बना सकते हैं।







