
अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का 7 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में निधन हो गया है। यह उनके 39वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले हुआ। वे ‘हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस’ (एचएलएच) नाम की एक गंभीर इम्यून सिस्टम की बीमारी से जूझ रहे थे और कई महीनों से वहां के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
वे जनवरी से भारत में अस्पताल में भर्ती थे। शुरुआत में उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन बाद में स्थिति बिगड़ने पर उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जादरान ने 2009 में अफगानिस्तान के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था और 2020 में अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला था। उन्हें अफगानी क्रिकेट के शुरुआती खिलाड़ियों में से एक माना जाता था और उन्होंने टीम को ग्लोबल स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
शापूर जादरान के निधन से दिल टूट गया है: उनके भाई दौलत जादरान
उनके भाई दौलत जादरान ने एक बयान में लिखा, “मेरे प्रिय मित्र और भाई, शापूर जादरान के निधन से दिल टूट गया है। इस क्षति को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।”
जादरान ने लिखा, “आज वह दिन है जिसका सामना मैं कभी नहीं करना चाहता था, लेकिन आखिरकार यह हर खिलाड़ी की जिंदगी में आता ही है। क्रिकेट के लिए सेवा, त्याग और प्यार। मेरे लिए क्रिकेट सिर्फ एक खेल से कहीं बढ़कर रहा है; यह मेरा जुनून, मेरी पहचान और मेरा मकसद रहा है।”
जादरान एक लंबे-कद के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और अफगान क्रिकेट के शुरुआती खिलाड़ियों में से एक थे। उन्होंने 2009 से 2020 के बीच 80 इंटरनेशनल मैच (44 वनडे और 36 टी20आई) खेले। क्रिकेट फैंस के लिए उनका सबसे यादगार पल न्यूजीलैंड में हुए 2015 वर्ल्ड कप में आया था। स्कॉटलैंड के खिलाफ एक रोमांचक मैच में, जिसमें जीत का फैसला आखिरी ओवर में हुआ था, उन्होंने ही जीत दिलाने वाले रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी बाहें फैलाकर मैदान पर दौड़ते हुए अफगानिस्तान की क्रिकेट वर्ल्ड कप में पहली जीत का जश्न मनाया था।









