
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए अपने घरेलू 50 ओवर के टूर्नामेंट चैंपियंस कप में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड का मानना है कि इस टूर्नामेंट के जरिए घरेलू खिलाड़ियों को ज्यादा मुकाबले खेलने का मौका मिलेगा, जिससे मजबूत टीम तैयार करने में मदद मिलेगी।
यह प्रतियोगिता 11 अगस्त से 18 अगस्त तक मुल्तान क्रिकेट स्टेडियम में खेली जाएगी। दो साल पहले भी PCB ने इस टूर्नामेंट को नया रूप दिया था और इसे पाकिस्तान के प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट के तौर पर पेश किया था। अब एक बार फिर इसके प्रारूप में बदलाव करते हुए इसे खिलाड़ियों की वनडे तैयारियों के हिसाब से तैयार किया गया है।
चार टीमें, सात मुकाबले और फाइनल
इस बार टूर्नामेंट में कुल चार टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें पाकिस्तान गोल्ड, पाकिस्तान ग्रीन्स, पाकिस्तान व्हाइट्स और पाकिस्तान ब्लूज शामिल हैं। सभी टीमें राउंड-रॉबिन प्रारूप में एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी, जिसके बाद शीर्ष दो टीमों के बीच फाइनल मुकाबला होगा।
टीमों की कप्तानी अनुभवी और युवा खिलाड़ियों को सौंपी गई है। पाकिस्तान गोल्ड की कमान शाहीन शाह अफरीदी, पाकिस्तान ग्रीन्स की शादाब खान, पाकिस्तान व्हाइट्स की सैम अयूब और पाकिस्तान ब्लूज की साहिबजादा फरहान के हाथों में होगी।
हालांकि, इस प्रतियोगिता में पाकिस्तान के कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नहीं खेल पाएंगे। इसकी वजह इंग्लैंड के खिलाफ 19 अगस्त से शुरू होने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज है। टेस्ट टीम में चुने गए खिलाड़ी इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं होंगे। इसके अलावा स्पिनर अबरार अहमद भी इंग्लैंड में द हंड्रेड लीग खेलने के कारण उपलब्ध नहीं रहेंगे।
PCB के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने कहा कि इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच अभ्यास देना है। टीमों का चयन भी खिलाड़ियों की वनडे भूमिकाओं को ध्यान में रखकर किया गया है।
उन्हें उम्मीद है कि मुल्तान में कड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मौका मिलेगा। हाल के वर्षों में पाकिस्तान का प्रदर्शन आईसीसी टूर्नामेंटों में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।
टीम 2023 वनडे वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच सकी, जबकि 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भी निराशाजनक प्रदर्शन किया। ऐसे में PCB को उम्मीद है कि चैंपियंस कप का नया प्रारूप खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी का मौका देगा और 2027 वर्ल्ड कप में टीम मजबूत प्रदर्शन कर सकेगी।









