
ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए स्क्वाड के साइज पर फिर से विचार करने और खिलाड़ियों की संख्या 15 से बढ़ाकर 17 करने की अपील की है। मैकडोनाल्ड की यह अपील टूर्नामेंट के नए और लंबे फॉर्मेट की वजह से खिलाड़ियों पर पड़ने वाले शारीरिक दबाव और लॉजिस्टिकल चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए की गई है।
नए स्ट्रक्चर के तहत, फाइनलिस्ट टीमें 15 मैच तक खेल सकती हैं, जिससे यह इवेंट काफी लंबा और ज्यादा मुश्किल हो जाएगा। मैकडोनाल्ड ने खिलाड़ियों के थकने (बर्नआउट) और टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में ही उनके बाहर होने के जोखिम पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के इस सबसे बड़े इवेंट की कॉम्पिटिटिव क्वालिटी बनाए रखने के लिए बड़ी स्क्वाड का होना जरूरी है।
2023 वर्ल्ड कप पर बात करते हुए, मैकडोनाल्ड ने चोटों की वजह से कई टीमों के सामने आई मुश्किलों का जिक्र किया। ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड और न्यूजीलैंड के केन विलियमसन जैसे कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण शुरुआती मैच नहीं खेल पाए थे, जिससे 15 खिलाड़ियों की सख्त सीमा के भीतर टीम चुनने और बेंच स्ट्रेंथ को लेकर काफी दिक्कतें आईं थी।
आप चाहेंगे कि बेहतरीन खिलाड़ी खेलने के लिए उपलब्ध रहें: मैकडोनाल्ड
मैकडोनाल्ड ने जोर देते हुए कहा, “जब आप कम समय में ज्यादा मैच खेलते हैं, तो आप नहीं चाहेंगे कि खिलाड़ी चोटों या थकान की वजह से बाहर हों। आप चाहेंगे कि बेहतरीन खिलाड़ी खेलने के लिए उपलब्ध रहें।”
उन्होंने कहा कि टीमों को 17 खिलाड़ी रखने की इजाजत देने से मैनेजमेंट को शुरुआती दौर की चोटों से निपटने, व्यस्त इंटरनेशनल शेड्यूल में खिलाड़ियों के वर्कलोड को मैनेज करने और यह पक्का करने में आसानी होगी कि दुनिया के टॉप स्टार्स टूर्नामेंट के आखिरी दौर तक खेलते रहें।
स्क्वाड के साइज को लेकर चिंताओं के अलावा, मैकडोनाल्ड ने पूरे टूर्नामेंट के स्ट्रक्चर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नए फॉर्मेट से अनजाने में एसोसिएट देशों को नुकसान हो सकता है, जिससे हाल के समय में व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार तरक्की के बावजूद ग्लोबल स्टेज पर उनके मौकों पर असर पड़ सकता है।









