पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि तेज गेंदबाज आकिब नबी के लिए श्रीलंका दौरा करियर बदलने वाला साबित हो सकता है। जसप्रीत बुमराह चोट के कारण दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को टीम में शामिल किया गया है।
चोपड़ा का कहना है कि यह मौका आकिब नबी के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आकाश चोपड़ा ने कहा कि आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर आकिब नबी का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजन में औकिब ने शानदार गेंदबाजी की है।
पिछले सीजन में उन्होंने 60 विकेट लिए, जबकि उससे पहले भी वह सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल रहे। उनके मुताबिक टेस्ट क्रिकेट में वही खिलाड़ी सफल होते हैं, जिनका रेड बॉल क्रिकेट में मजबूत रिकॉर्ड होता है और औकिब इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं।
अंशुल कंबोज भी हैं मजबूत दावेदार
चोपड़ा ने आकिब नबी के बाद अंशुल कंबोज का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि कंबोज ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट डेब्यू भी कर चुके हैं। हालांकि, उन्हें सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला, लेकिन उनकी गेंदबाजी में लगातार सुधार देखने को मिला है। चोपड़ा का मानना है कि अगर टीम एक और युवा तेज गेंदबाज को मौका देना चाहे तो अंशुल भी मजबूत विकल्प हैं।
घरेलू क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की कमी पर चिंता
आकाश चोपड़ा ने भारतीय घरेलू क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की कमी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ रणजी सीजन के आंकड़े बताते हैं कि बहुत कम तेज गेंदबाज लगातार विकेट ले पा रहे हैं।
पिछले दो वर्षों में आकिब नबी और मोहम्मद शमी जैसे कुछ ही गेंदबाज ऐसे रहे हैं जिन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। चोपड़ा का कहना है कि भारतीय टीम को भविष्य के लिए नए तेज गेंदबाज तैयार करने होंगे। ऐसे में आकिब नबी को मिला यह मौका बेहद अहम है।
अगर वह श्रीलंका दौरे पर अपनी गेंदबाजी से प्रभावित करते हैं तो भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह लंबे समय के लिए पक्की कर सकते हैं। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक सीरीज नहीं बल्कि आकिब नबी के करियर का सबसे बड़ा इम्तिहान और खुद को साबित करने का बेहतरीन अवसर है।






