पाकिस्तान के युवा स्पिनर उस्मान तारिक ने खुलासा किया है कि उनकी गेंदबाजी एक्शन को लेकर उठे विवाद के दौरान वेस्टइंडीज के दिग्गज स्पिनर सुनील नरेन ने उनका हौसला बढ़ाया। तारिक ने बताया कि नरेन ने उन्हें फोन कर करीब आधे घंटे तक बातचीत की और मुश्किल समय में धैर्य बनाए रखने की सलाह दी।
नरेन खुद भी अपने करियर में कई बार गेंदबाजी एक्शन को लेकर सवालों और प्रतिबंधों का सामना कर चुके हैं, इसलिए उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर तारिक को महत्वपूर्ण सलाह दी।
पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज फवाद आलम से बातचीत के दौरान उस्मान तारिक ने बताया कि सुनील नरेन ने उन्हें साफ शब्दों में कहा कि आलोचनाओं का जवाब देने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि विरोधी खिलाड़ी और आलोचक ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे उनकी गेंदबाजी को आसानी से नहीं खेल पा रहे हैं। नरेन ने सलाह दी कि वह सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दें और उसी तरीके से गेंदबाजी करते रहें, जिससे उन्हें सफलता मिल रही है।
अनुभव से दी अहम सीख
तारिक के मुताबिक, नरेन ने उन्हें समझाया कि बल्लेबाजों की प्रतिक्रिया केवल निराशा का नतीजा होती है। जब कोई गेंदबाज लगातार विकेट लेता है या बल्लेबाजों को परेशान करता है, तब अक्सर ऐसी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं।
उन्होंने कहा कि उनके साथ भी करियर के दौरान ऐसा कई बार हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी मैदान के बाहर इन बातों पर ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि उन्होंने तारिक को भी शांत रहने और अपने प्रदर्शन से जवाब देने की सलाह दी।
उस्मान तारिक की गेंदबाजी एक्शन हाल के महीनों में काफी चर्चा में रही है। पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान दो बार उनके एक्शन की शिकायत की गई थी। इसके बाद उन्होंने लाहौर स्थित नेशनल क्रिकेट अकादमी में बायोमैकेनिकल टेस्ट कराया, जिसमें उनका एक्शन पूरी तरह वैध पाया गया।
डॉक्टरों के अनुसार तारिक की कोहनी सामान्य खिलाड़ियों से अलग है, जिस वजह से गेंदबाजी करते समय उनका हाथ पूरी तरह सीधा नहीं दिखता। इसके बावजूद उन्हें खेलने की अनुमति मिल चुकी है। अब तारिक का लक्ष्य अपने प्रदर्शन से सभी सवालों का जवाब देना और पाकिस्तान टीम में अपनी जगह मजबूत करना है।







