
गुजरात जायंट्स ने गुरुवार, 27 नवंबर को दिल्ली में आयोजित वीमेंस प्रीमियर लीग 2026 की नीलामी में टीम की अंतिम संरचना पर अपार संतुष्टि व्यक्त की है। हेड कोच माइकल क्लिंगर विशेष रूप से खुश थे। उन्होंने कहा कि टीम ने सफलतापूर्वक अपने प्रमुख लक्ष्यों को हासिल किया है और अब उनके पास एक “गतिशील स्क्वाॅड है जो अनुभवी लीडर्स तथा युवा खिलाड़ियों का उपयुक्त तालमेल बना रहा है।”
क्लिंगर ने कहा कि यह संतुलित दृष्टिकोण कोचिंग स्टाफ को नए सीजन में “अद्भुत लचीलापन” प्रदान करता है। टीम का मूल दर्शन, जो “आक्रामक सहित निडर मानसिकता” पर केंद्रित है, वो अभी भी बरकरार है और यही क्लिंगर के इस वर्ष बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद को दर्शाता है।
जायंट्स ने न्यूजीलैंड की क्रिकेटर सोफी डिवाइन को 2 करोड़ रुपये में खरीदकर एक उच्च-प्रोफ़ाइल खरीदारी के साथ नीलामी की शुरुआत की थी। इसके तुरंत बाद गुजरात द्वारा भारतीय गेंदबाजी ताकत में एक महत्वपूर्ण निवेश किया गया। इसमें भारत की हालिया आईसीसी विश्व कप विजेता टीम की महत्वपूर्ण सदस्य, रेणुका सिंह को 60 लाख रुपये में जोड़ा गया।
इसके अलावा, फ्रेंचाइजी ने महत्वपूर्ण प्रतिभाओं को सुरक्षित करने के लिए अपने राइट टू मैच कार्ड का दो बार रणनीतिक रूप से उपयोग किया। बल्लेबाज भारती फुलमाली को 70 लाख रुपये और ऑलराउंडर काशवी गौतम को 65 लाख रुपये में वापस हासिल किया। यह कदम टीम के मूल्यों और खेलने की शैली को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण था।
रणनीतिक अधिग्रहण और मुख्य खिलाड़ियों को बरकरार रखना
टीम ने अक्सेलरेटेड राउंड में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों रैंकों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर जॉर्जिया वेयरहम, जो आरसीबी के साथ कार्यकाल से पहले जायंट्स के लिए खेल चुकी थीं, का 1 करोड़ रुपये में स्वागत किया गया। उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों की अपनी लाइनअप में भी महत्वपूर्ण इज़ाफा किया, जिसमें इंग्लैंड की बल्लेबाज डेनिएल व्याट-हॉज को 50 लाख रुपये और अनुभवी भारतीय स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ को 40 लाख रुपये में शामिल किया गया।
दूसरी ओर भारतीय खिलाड़ियों की बात की जाए तो गुजरात ने भविष्य में स्पष्ट निवेश प्रदर्शित किया, जिसमें अनुष्का शर्मा (45 लाख रुपये), हैप्पी कुमारी (10 लाख रुपये) और आयुषी सोनी (30 लाख रुपये) जैसे होनहार युवा खिलाड़ी शामिल थे। गुजरात ने अपने दल में विविधता बढ़ाते हुए, टीम को एक अच्छा आकार दिया है।
अडानी स्पोर्ट्सलाइन के चीफ बिसनेस अफसर संजय अदेसरा ने भी टीम की इस सोच पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अनुभवी खिलाड़ी टीम को सही दिशा देंगे और इससे प्लेइंग कॉम्बिनेशन बनाने में काफी लचीलापन मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि आरटीएम का सही इस्तेमाल करके टीम के युवा तथा मुख्य खिलाड़ियों को बनाए रखना आवश्यक था।
अब जब स्क्वाॅड व्यवस्थित हो गया है, तो फ्रेंचाइजी बेसब्री से नए सीज़न का इंतजार कर रही है। खासकर वडोदरा में अपने घरेलू मैदान पर खेलने के अवसर को लेकर। इस नीलामी रणनीति का मुख्य लक्ष्य आगामी डब्लूपीएल संस्करण में गुजरात जायंट्स को एक मजबूत दावेदार पेश करना है।









