भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली 2026 टी20 सीरीज भारतीय टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यह सीरीज आने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी के तौर पर देखी जा रही है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उन खिलाड़ियों को आजमाना चाहता है जो आगे चलकर टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
इसी वजह से ईशान किशन का नाम प्लेइंग-11 के लिए चर्चा में है। इस खबर में हम आपको ऐसे 3 कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी वजह से किशन को प्लेइंग 11 में होना चाहिए:
1. टीम में खाली जगह और सही मौका
भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा चोट के कारण शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं हैं। उनकी गैरमौजूदगी से मिडिल ऑर्डर में एक अहम जगह खाली हो गई है। ईशान किशन इस रोल के लिए एक अच्छा विकल्प हैं।
उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अनुभव है और वह दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। यह सीरीज ईशान के लिए खुद को फिर से साबित करने का सही मौका हो सकती है।
2. आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को तेज शुरुआत
ईशान किशन अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, जो टी20 क्रिकेट में बहुत अहम मानी जाती है। वह शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने में भरोसा रखते हैं और गेंदबाजों पर दबाव बना देते हैं। पावरप्ले ओवरों में तेज रन बनाकर वह टीम को मजबूत और तेज शुरुआत दिला सकते हैं।
जब शुरुआत अच्छी होती है, तो पूरे मैच में टीम का रन रेट बेहतर बना रहता है। इसी वजह से ईशान किशन जैसे आक्रामक बल्लेबाज टी20 टीम के लिए काफी उपयोगी साबित होते हैं।
3. इनफाॅर्म विकेटकीपर-बल्लेबाज का बड़ा फायदा
ईशान किशन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वह विकेटकीपर व बल्लेबाज दोनों की भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही वह इस समय फाॅर्म में भी नजर आ रहे हैं। टी20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ी टीम के लिए बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि वे टीम को संतुलन और अतिरिक्त विकल्प देते हैं।
विकेट के पीछे ईशान किशन तेज हैं और कैच व स्टंपिंग में भरोसेमंद माने जाते हैं, जिससे गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ता है। बल्लेबाजी में भी वह हालात के अनुसार खेल सकते हैं जरूरत पड़ने पर तेज शुरुआत दिला सकते हैं या मध्यक्रम में आकर रन गति बढ़ा सकते हैं।
विकेटकीपर बल्लेबाज होने की वजह से टीम को एक अतिरिक्त बल्लेबाज या ऑलराउंडर खिलाने का मौका मिलता है, जो टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में बड़ा फायदा साबित होता है।







