
भारतीय टीम के ऑलराउंडर और मौजूदा टी20 उपकप्तान अक्षर पटेल ने हाल ही में खुलासा किया है कि किस तरह पूर्व कप्तान एमएस धोनी की एक साधारण, लेकिन अहम सलाह ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को नई दिशा दी।
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में अक्षर ने बताया कि 2021 में वह अपने करियर के मुश्किल दौर से गुजर रहे थे और आत्मविश्वास की कमी महसूस कर रहे थे। ऐसे समय में धोनी का मार्गदर्शन उनके लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
अक्षर पटेल ने 2015 में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था, लेकिन शुरुआती तीन सालों में उन्हें सिर्फ 11 मैच खेलने का मौका मिला। लगातार टीम में आना-जाना उनके आत्मविश्वास पर असर डाल रहा था और 2018 में उन्हें टीम से बाहर भी कर दिया गया। इसके बाद अक्षर ने अपने खेल पर कड़ी मेहनत की, खासकर बल्लेबाजी पर, लेकिन खुद पर भरोसा पूरी तरह वापस नहीं आ पाया था।
धोनी की सलाह से बदला अक्षर का आत्मविश्वास
2021 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान, जब एमएस धोनी टीम इंडिया के मेंटर थे, तब अक्षर को उनके साथ नजदीक से काम करने का मौका मिला। अक्षर के मुताबिक, धोनी ने उनसे कहा कि वह बल्लेबाजी के दौरान खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालते हैं। धोनी ने उन्हें यह समझाया कि हर गेंद पर खुद को साबित करने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपनी काबिलियत पर भरोसा रखना ज्यादा जरूरी है।
अक्षर ने बताया कि धोनी की इस सलाह को धीरे-धीरे अपनाने से उनकी सोच बदली और आत्मविश्वास लौटा। इसके बाद उनके बल्लेबाजी प्रदर्शन में लगातार सुधार देखने को मिला। आज अक्षर न सिर्फ एक भरोसेमंद स्पिनर हैं, बल्कि मिडिल ऑर्डर में एक मजबूत बल्लेबाज के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं।
आईपीएल और भारतीय टीम दोनों में अक्षर को नंबर 3 या नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने की जिम्मेदारी दी जा रही है, जो टीम मैनेजमेंट के भरोसे को दर्शाता है। अक्षर का मानना है कि उन्हें फ्लोटर नहीं, बल्कि एक विशेषज्ञ बल्लेबाज की तरह भूमिका दी जाती है।
खैर, अब अक्षर पटेल न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में नजर आएंगे, जो 7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों का अहम हिस्सा होगी।









