
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) IPL 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतर रही है। पिछले सीजन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर अपना पहला खिताब जीता था। अब टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस सफलता को बरकरार रखने की होगी।
ऑक्शन में RCB ने अपनी टीम को और मजबूत किया है और लगभग हर पोजिशन के लिए अच्छे बैकअप खिलाड़ी जोड़े हैं। लेकिन मजबूत स्क्वॉड का मतलब यह भी है कि कुछ खिलाड़ियों को पूरे सीजन बाहर बैठना पड़ सकता है, खासकर जब टीम एक स्थिर प्लेइंग XI बनाने की कोशिश करेगी।
आइए नजर डालते हैं ऐसे 3 खिलाड़ियों पर जो IPL 2026 में बेंच पर नजर आ सकते हैं –
1. जॉर्डन कॉक्स
इंग्लैंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स को RCB ने फिल सॉल्ट के बैकअप के रूप में टीम में शामिल किया है। वह आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं और 2025 के ‘द हंड्रेड’ में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं।
लेकिन टीम में पहले से फिल साल्ट और जितेश शर्मा जैसे विकेटकीपर मौजूद हैं, जिससे कॉक्स के लिए मौका मिलना मुश्किल हो जाता है। सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर भी उन्हें देवदत्त पडिक्कल, वेंकटेश अय्यर और जैकब बेथेल जैसे खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिलती है। ऐसे में उनके लिए प्लेइंग XI में जगह बनाना आसान नहीं होगा।
2. नुवान थुशारा
श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवान थुशारा अपनी अनोखी गेंदबाजी एक्शन के लिए जाने जाते हैं और अक्सर उनकी तुलना लसिथ मलिंगा से की जाती है। हालांकि, IPL में उनका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा है।
दूसरी ओर, आरसीबी के पास जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाज हैं। साथ ही, टीम ने जैकब डफी को भी शामिल किया है, जो समान स्टाइल की गेंदबाजी करते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट थुशारा की बजाय डफी को प्राथमिकता दे सकता है, जिससे थुशारा को बेंच पर बैठना पड़ सकता है।
3. देवदत्त पडिक्कल
देवदत्त पडिक्कल पिछले सीजन RCB के लिए काफी अहम खिलाड़ी रहे थे। उन्होंने टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए और टीम की जीत में योगदान दिया।लेकिन इस बार उनकी जगह खतरे में नजर आ रही है। टीम में वेंकटेश अय्यर जैसे आक्रामक ऑलराउंडर शामिल हुए हैं, जो नंबर 3 पर बल्लेबाजी के मजबूत दावेदार हैं।
इसके अलावा जैकब बेथेल भी शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। ऐसे में, भले ही पडिक्कल फैंस के पसंदीदा खिलाड़ी हों, लेकिन उन्हें प्लेइंग XI में अपनी जगह बनाए रखने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।







