इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2026 सीजन के बाद से यह चर्चा चल रही थी कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भविष्य में टूर्नामेंट का विस्तार कर सकता है। खबरें थीं कि मौजूदा 74 मैचों की जगह IPL में 94 मुकाबले कराए जा सकते हैं। हालांकि, BCCI अध्यक्ष देवाजीत सैकिया ने इस विषय पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल 2027 सीजन से IPL को 94 मैचों तक बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। बोर्ड इस विचार में रुचि जरूर रखता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इसे लागू करना आसान नहीं होगा।
देवजीत सैकिया के अनुसार, IPL में 20 अतिरिक्त मैच जोड़ने के लिए टूर्नामेंट की अवधि बढ़ानी पड़ेगी। लेकिन ऐसा करने से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर प्रभावित हो सकता है। कई देशों की द्विपक्षीय सीरीज और ICC के बड़े टूर्नामेंट पहले से तय रहते हैं, ऐसे में IPL के लिए अतिरिक्त समय निकालना चुनौतीपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसे देशों के हितों का भी ध्यान रखना जरूरी है। इन देशों के खिलाड़ी IPL में अहम भूमिका निभाते हैं और उनके अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को प्रभावित नहीं किया जा सकता।
विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता पर भी असर
BCCI अध्यक्ष ने यह भी माना कि यदि IPL का कार्यक्रम लंबा किया जाता है तो विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या बन सकती है। कई खिलाड़ी पूरे सीजन के लिए उपलब्ध नहीं रह पाएंगे, जिससे फ्रेंचाइजी टीमों के लिए संतुलित संयोजन बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
यही कारण है कि बोर्ड फिलहाल जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहता। BCCI चाहता है कि भविष्य में यदि टूर्नामेंट का विस्तार हो तो वह सभी क्रिकेट बोर्डों और खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाए।
हालांकि, सैकिया ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में IPL को 94 मैचों तक बढ़ाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन अभी टूर्नामेंट लगभग दो महीने की विंडो में आयोजित होता है, जिसमें 74 मुकाबले ही आसानी से समायोजित किए जा सकते हैं।
ऐसे में साफ है कि IPL 2027 में 94 मैचों का नहीं होगा। फिलहाल BCCI मौजूदा प्रारूप के साथ आगे बढ़ेगा, जबकि भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार विस्तार पर विचार किया जा सकता है।








