भारत के वनडे कप्तान शुभमन गिल ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 टीम में जगह न मिलने पर पहली बार खुलकर बात की है। गिल, जो गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के उपकप्तान थे, उन्हें 15 सदस्यीय भारतीय स्क्वाड में शामिल नहीं किया गया। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा पैदा की।
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने कहा कि उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले को स्वीकार कर लिया है और वह अपने भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले वनडे कप्तान शुभमन गिल ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, मेरा मानना है कि जिंदगी में मैं वहीं हूं, जहां मुझे होना चाहिए। जो मेरे भाग्य में लिखा है, वही मुझे मिलेगा। एक खिलाड़ी के तौर पर मेरा मकसद हमेशा अपनी टीम को मैच जिताना रहा है। इसके बावजूद मैं चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करता हूं और टी20 टीम को वर्ल्ड कप के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
गौरतलब है कि शुभमन गिल, को पिछले साल एशिया कप से ठीक पहले टी20 टीम में शामिल किया गया था। भारतीय टीम प्रबंधन की योजना थी कि वह एक आक्रामक बल्लेबाजी यूनिट के बीच एंकर की भूमिका निभाएं। इस दौरान गिल ने संजू सैमसन की जगह ली थी, जिन्होंने पिछले 12 महीनों में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए थे। गिल ने अपने करीबी दोस्त अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत की।
हालांकि, यह प्रयोग ज्यादा सफल नहीं रहा। टीम अपनी उस आक्रामक और खुलकर खेलने वाली शैली में नजर नहीं आई, जो गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद उसकी पहचान बन चुकी थी। अंततः टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले चयनकर्ताओं ने यह फैसला लिया कि संजू सैमसन को फिर से ओपनिंग में लौटाया जाए और गिल को बाहर कर दिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिल को अपने बाहर होने की जानकारी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के आखिरी टी20 मैच से पहले टीम बस में सफर के दौरान मिली। अगले ही मैच में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने ओपनिंग करते हुए पहले पांच ओवरों में 60 रन जोड़ दिए। यह उस सीरीज का इकलौता मैच था, जिसमें भारत ने 200 से ज्यादा रन बनाए।








