
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने से पहले क्रिकेट गलियारों में हलचल काफी तेज है। बता दें कि सुरक्षा कारणों की वजह से बांग्लादेश ने भारत आकर 20 देशों के बीच खेले जाने वाले टूर्नामेंट में खेलने से मना कर दिया है। इसके बाद आईसीसी ने स्काॅटलैंड को बांग्लादेश से रिप्लेस कर दिया है।
इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) बांग्लादेश का भावनात्मक रूप से साथ देते हुए आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का बायकाॅट कर सकता है। हालांकि, पीसीबी का यह फैसला ऊपर से जितना आसान नजर आता है, उसके मुकाबले में जमीनी हकीकत और ज्यादा पेचीदा है।
खैर, इस खबर हम आपको उस कारण के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी वजह से पीसीबी टी20 वर्ल्ड कप में खेलने से मना कर ही नहीं सकता। अगर पीसीबी ने ऐसा कोई कदम उठाया, तो उसे दूरगामी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इस वजह से पाकिस्तान नहीं कर सकता टी20 वर्ल्ड कप का बायकाॅट
बता दें कि आईसीसी के हर बड़े टूर्नामेंट से पहले सभी फुल मेंबर बोर्ड एक टूर्नामेंट पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (TPA) पर दस्तखत करते हैं। यह कोई औपचारिक कागज नहीं, बल्कि कानूनी रूप से बाध्यकारी काॅन्ट्रैक्ट होता है। अगर पाकिस्तान आखिरी समय पर टी20 वर्ल्ड कप खेलने से पीछे हटता है, तो इसे सीधा-सीधा कॉन्ट्रैक्ट तोड़ना माना जाएगा।
परिणामस्वरूप आईसीसी पाकिस्तान का सालाना रेवेन्यू शेयर रोक सकता है, जो करीब 34–35 मिलियन डॉलर का है। इस वजह से पहले से आर्थिक संकट झेल रहे पीसीबी के लिए यह झटका बहुत बड़ा साबित हो सकता है। यह एक बड़ी वजह है, जिसकी वजह से पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप से बायकाॅट नहीं कर पाएगा।
हालांकि, पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने उक्त मामले को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से एक मुलाकात के बाद कहा यह मामला अभी विचाराधीन है। शुक्रवार या फिर सोमवार तक सरकार के फैसले के बाद, हम कोई घोषणा कर पाएंगे।









