मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन का भारतीय टेस्ट टीम में चयन उनके लंबे संघर्ष, मेहनत और परिवार के अटूट समर्थन का परिणाम है। 33 साल की उम्र में पहली बार टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका पाने वाले सारांश ने कभी हार नहीं मानी।
घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने चयनकर्ताओं का भरोसा जीता, लेकिन उनके इस सफर के पीछे परिवार की ऐसी कुर्बानी भी छिपी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
सारांश के पिता चाहते थे कि उनका बेटा एक दिन भारत के लिए खेले। इसी दौरान उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का पता चला। लेकिन उन्होंने यह बात सारांश को नहीं बताई। उनका मानना था कि अगर बेटे को बीमारी के बारे में पता चला तो उसका पूरा ध्यान क्रिकेट से हट जाएगा।
इसलिए उन्होंने अपनी तकलीफ अपने तक ही रखी और सारांश को सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देने दिया। बाद में जब सारांश को इस सच का पता चला तो वह भावुक हो गए। उन्हें एहसास हुआ कि उनके पिता ने उनकी सफलता के लिए कितनी बड़ी कुर्बानी दी थी।
सारांश की सफलता में उनके बड़े भाई का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर को पीछे छोड़कर परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं, ताकि सारांश बिना किसी चिंता के अपने खेल पर पूरा ध्यान दे सकें। परिवार का यही भरोसा और साथ उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना।
घरेलू क्रिकेट में लगातार किया शानदार प्रदर्शन
सारांश जैन ने कई वर्षों तक घरेलू क्रिकेट में बल्ले और गेंद दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने रणजी ट्रॉफी और दूसरे घरेलू टूर्नामेंटों में अपनी उपयोगिता साबित की। हर सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने का इंतजार करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।
आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में मौका मिला। यह चयन सिर्फ एक सीरीज खेलने का अवसर नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और धैर्य का इनाम है।
सारांश जैन की कहानी यह साबित करती है कि बड़े सपने सिर्फ प्रतिभा से पूरे नहीं होते, बल्कि परिवार के भरोसे, त्याग और लगातार मेहनत की भी जरूरत होती है। पिता ने अपनी बीमारी छिपाई, भाई ने अपने सपनों से समझौता किया और सारांश ने मैदान पर लगातार मेहनत की।
इन सभी की कोशिशों का नतीजा आज टीम इंडिया में उनकी जगह के रूप में सामने आया है। अब उनकी नजर इस मौके को यादगार बनाने और भारतीय टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने पर होगी।







