बांग्लादेश के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने साफ कर दिया है कि वह वनडे क्रिकेट में वापसी नहीं करने वाले हैं। साल 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने वाले मुश्फिकुर ने कहा कि अब टीम को उनकी जरूरत नहीं है, और नई टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले सिलहट में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुश्फिकुर ने कहा कि उन्हें वनडे टीम में लौटने का संदेश जरूर मिला था, लेकिन वह मानते हैं कि अब बांग्लादेश टीम आगे बढ़ चुकी है और युवा खिलाड़ी लगातार बेहतर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह टीम की प्रगति देखकर खुश हैं और भविष्य में भी यही सिलसिला जारी रहेगा।
मिडिल ऑर्डर की कमजोरी के बाद उठी थी वापसी की मांग
हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में बांग्लादेश ने 2-1 से जीत दर्ज की थी, लेकिन एक मुकाबले में टीम का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया था। आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम मजबूत स्थिति से हार गई थी। इसके बाद अनुभवी बल्लेबाज मुश्फिकुर रहीम की वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक वनडे कप्तान मेहदी हसन मिराज ने भी मुश्फिकुर की वापसी के समर्थन में बात की थी। उनका मानना था कि टीम को अनुभव की जरूरत है और मुश्फिकुर जैसे खिलाड़ी अभी भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, खुद मुश्फिकुर ने इन चर्चाओं को विराम देते हुए साफ कहा कि अब वह वापसी के बारे में नहीं सोच रहे।
मुश्फिकुर रहीम का वनडे करियर शानदार रहा है। उन्होंने 247 मैचों में 7795 रन बनाए और बांग्लादेश के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उनके नाम 9 शतक और 49 अर्धशतक दर्ज हैं। 2007 वर्ल्ड कप से उन्होंने अपनी पहचान बनाई थी और लंबे समय तक टीम के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ बने रहे।
पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट में भी मुश्फिकुर ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पहली पारी में 71 रन बनाए, जिसकी मदद से बांग्लादेश ने मजबूत स्कोर खड़ा किया। बाद में तेज गेंदबाज नाहिद राणा की शानदार गेंदबाजी के दम पर बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रन से हराकर सीरीज में बढ़त हासिल की।







