
भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 टीम से शुभमन गिल को बाहर किए जाने का फैसला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस फैसले पर अब पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज योगराज सिंह ने चयनकर्ताओं पर खुलकर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि गिल को सिर्फ कुछ खराब पारियों के आधार पर टीम से बाहर करना बिल्कुल गलत है।
शुभमन गिल हाल ही में भारत की टी20 टीम के उपकप्तान थे और उन्हें पिछले साल एशिया कप से पहले टी20 कप्तान भी बनाया गया था। हालांकि, एशिया कप और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया व दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा। इसके बाद अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम में जगह नहीं दी।
इस फैसले से नाराज योगराज सिंह ने इंडिया टुडे के हवाले से कहा कि भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्हें सौ मैचों में से मुश्किल से दस में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद लगातार मौके मिलते रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सिर्फ 4-5 पारियों में नाकाम रहने पर शुभमन गिल को बाहर किया जा सकता है, तो क्या भविष्य में किसी और युवा खिलाड़ी के साथ भी ऐसा ही होगा।
योगराज ने मौजूदा समय के स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वह कुछ मैचों में फेल हो जाते हैं, तो क्या चयनकर्ता उन्हें भी तुरंत बाहर कर देंगे। उन्होंने साफ कहा कि शुभमन गिल जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को धैर्य और समर्थन की जरूरत है, न कि जल्दबाजी में लिया गया फैसला।
योगराज सिंह ने पेश किया कपिल देव का उदाहरण
अपने तर्क को मजबूत करने के लिए योगराज सिंह ने महान कपिल देव का उदाहरण भी दिया। उन्होंने याद दिलाया कि पाकिस्तान दौरे पर कपिल देव लगातार खराब प्रदर्शन कर रहे थे, फिर भी तत्कालीन कप्तान बिशन सिंह बेदी ने उन पर भरोसा बनाए रखा। इसके बाद कपिल देव इंग्लैंड दौरे पर गए और आगे चलकर भारत के सबसे महान ऑलराउंडरों में शामिल हुए।
योगराज का कहना है कि अगर उस समय कपिल देव को भी कुछ खराब मैचों के बाद बाहर कर दिया जाता, तो भारतीय क्रिकेट को एक महान खिलाड़ी शायद कभी नहीं मिलता।
खैर, अब शुभमन गिल इस झटके से आगे बढ़ते हुए वनडे क्रिकेट पर ध्यान लगाएंगे। वह 11 जनवरी से शुरू हो रही न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में भारतीय टीम की अगुआई करते नजर आएंगे।









