बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भारतीय क्रिकेट से जुड़ा एक खास किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को पहले से ही भरोसा था कि एक दिन विराट कोहली उनके बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। शुक्ला ने यह बातें सचिन के संन्यास और विराट के शुरुआती करियर को याद करते हुए कही।
सचिन ने पहले ही विराट को रिकॉर्ड तोड़ने वाला खिलाड़ी माना था
राजीव शुक्ला ने कहा कि उन्हें सचिन तेंदुलकर के करियर के आखिरी दौर को बहुत करीब से देखने का मौका मिला। उस समय कई लोग चाहते थे कि सचिन कम से कम एक साल और खेलें, ताकि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 25 साल पूरे कर सकें। शुक्ला ने भी उनसे यही आग्रह किया था। लेकिन सचिन का नजरिया बिल्कुल अलग और साफ था।
सचिन का मानना था कि क्रिकेटर को तभी तक खेलना चाहिए, जब तक वह खेल को अपना पूरा 100 प्रतिशत दे सके। उन्होंने साफ कहा था कि जिस दिन उनका शरीर पूरी तरह साथ देना बंद कर देगा, उसी दिन वह क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। कुछ समय बाद सचिन ने शुक्ला को खुद बताया कि वह अपने संन्यास की घोषणा करने जा रहे हैं।
आखिरकार नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान सचिन तेंदुलकर ने अपने शानदार करियर का अंत किया। उनका आखिरी मैच मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जिसने हर क्रिकेट प्रेमी को भावुक कर दिया।
राजीव शुक्ला ने एक और दिलचस्प बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक बार वे सचिन के घर लंच पर गए थे। वहां उन्होंने सचिन से पूछा कि क्या उनके रिकॉर्ड कभी टूट सकते हैं। इस पर सचिन ने मुस्कुराते हुए कहा, रिकॉर्ड तो बनने के लिए ही होते हैं।
जब शुक्ला ने पूछा कि कौन खिलाड़ी उनके रिकॉर्ड तोड़ सकता है, तो सचिन ने विराट कोहली का नाम लिया। सचिन का मानना था कि विराट में मेहनत, अनुशासन और खुद को बेहतर बनाने की जबरदस्त इच्छा है।
आज विराट कोहली ने सचिन के कई बड़े रिकॉर्ड तोड़कर यह साबित कर दिया है कि सचिन की सोच बिल्कुल सही थी। यह किस्सा भारतीय क्रिकेट की एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चलती महान परंपरा को दर्शाता है।








