
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल जून 2027 तक बढ़ाने की तैयारी में है। उनका मौजूदा कार्यकाल जून 2026 में समाप्त होना था, लेकिन बोर्ड आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को देखते हुए उन्हें आगे भी इस जिम्मेदारी में बनाए रखना चाहता है। खासकर 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के मद्देनजर BCCI निरंतरता बनाए रखना चाहता है।
उपलब्धियों ने बढ़ाया कद
अगरकर को जुलाई 2023 में मुख्य चयनकर्ता बनाया गया था। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खेला, जबकि 2024 और 2026 में लगातार दो T20 वर्ल्ड कप जीतने में सफल रही। इसके अलावा 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी भी अपने नाम की। इन उपलब्धियों ने बोर्ड का भरोसा और मजबूत किया है।
अगरकर के कार्यकाल के दौरान टीम में कई बड़े बदलाव हुए। दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद टीम को नई दिशा देने की चुनौती थी। उन्होंने शुभमन गिल को टेस्ट कप्तान बनाया, जिन्होंने इंग्लैंड में 2-2 से सीरीज ड्रॉ कर टीम को मजबूती दी।
सफेद गेंद क्रिकेट में अहम फैसले
अगरकर ने सीमित ओवर क्रिकेट में भी कई अहम फैसले लिए। उन्होंने सूर्यकुमार यादव को T20 कप्तान बनाया और ईशान किशन की टीम में वापसी कराई। किशन ने 2026 T20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 317 रन बनाए और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
हालांकि, उनके कार्यकाल में कुछ चुनौतियां भी सामने आईं। टेस्ट क्रिकेट में घरेलू मैदान पर स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजों का प्रदर्शन चिंता का विषय बना रहा। भारत को 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 और 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-0 से हार झेलनी पड़ी।
BCCI अब आगामी बड़े टूर्नामेंट्स के लिए स्थिरता और स्पष्ट रणनीति चाहता है। चयन समिति में नए सदस्य जैसे आरपी सिंह और प्रज्ञान ओझा भी अभी अपने कार्यकाल के शुरुआती दौर में हैं। ऐसे में अगरकर का अनुभव टीम के लिए अहम माना जा रहा है।









