
पंजाब के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह के लिए, जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया में चयन किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम से बुलावा मिलने का पल उनके जीवन के सबसे खास पलों में से एक था। यह मौका उन्हें लगातार मेहनत, धैर्य और घरेलू क्रिकेट के साथ आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद मिला है। अब उनका पूरा ध्यान इस अवसर का सही इस्तेमाल करने पर है।
प्रभसिमरन ने कहा कि इस सफर में उनके परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। खासकर उनके पिता ने हर मुश्किल समय में उनका साथ दिया और कभी हार नहीं मानने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जब परिवार को उनके चयन की खबर मिली तो सभी बेहद भावुक हो गए। उनके लिए सबसे बड़ी खुशी यही है कि वह अपने माता-पिता का सपना पूरा कर सके।
प्रभसिमरन ने अपनी सफलता का श्रेय कई लोगों को दिया। उन्होंने बताया कि युवराज सिंह से उन्हें हमेशा सकारात्मक सलाह और मार्गदर्शन मिला। वहीं, पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने उन पर भरोसा जताया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। टीम के मुख्य कोच रिकी पोंटिंग ने भी उनकी बल्लेबाजी और मानसिकता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सभी के सहयोग से उनका खेल लगातार बेहतर होता गया।
फिटनेस और आत्मविश्वास ने बदली तस्वीर
युवा बल्लेबाज का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में फिटनेस पर की गई मेहनत का उन्हें बड़ा फायदा मिला। विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी दोनों में सुधार के लिए उन्होंने लगातार अभ्यास किया। यही कारण है कि वह खुद को पहले से अधिक तैयार और आत्मविश्वासी महसूस करते हैं। उनका कहना है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता और यही सोच उन्हें आगे बढ़ाती रही।
प्रभसिमरन सिंह ने कहा कि टीम इंडिया में जगह बनाना उनके सफर की शुरुआत है, मंजिल नहीं। उनका लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व करना है।
उन्होंने भरोसा जताया कि अगर उन्हें मैदान पर मौका मिलता है तो वह पूरी मेहनत और जिम्मेदारी के साथ खेलेंगे। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस युवा खिलाड़ी पर होंगी, जो अपने प्रदर्शन से भारतीय टीम में स्थायी जगह बनाने की कोशिश करेगा।









