
सोमवार (13 जुलाई) को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ भारीतय महिला टीम की 270 रनों से जीत के बाद, भारतीय महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि उन्हें महिला क्रिकेट में भी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप देखकर खुशी होगी। पूर्व दाएं हाथ के बल्लेबाज का मानना है कि इस साल के आखिर में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में भारत के टेस्ट मैच खेलने से ऐसी संभावनाएं बनती हैं, जिससे इन मैचों को और अधिक महत्व मिल सकता है।
भारत की यादगार जीत के बाद मजूमदार ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट इस खेल का शिखर बना हुआ है और उनका मानना है कि सबसे लंबे फॉर्मेट में मैचों की बढ़ती संख्या भविष्य में महिला डब्ल्यूटीसी का रास्ता साफ कर सकती है।
मजूमदार ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जाहिर है, अगर ऐसा होता है तो हमें खुशी होगी। मैंने हमेशा यही माना है कि टेस्ट क्रिकेट खेल का सबसे बेहतरीन फॉर्मेट है। हमारी टीम यह बात जानती है। सिर्फ लीडरशिप ग्रुप ही नहीं, बल्कि नए आ रहे खिलाड़ी भी यह जानते हैं। उन्हें भी पता है कि टेस्ट क्रिकेट पर हमें सच में गर्व है।”
उन्होंने कहा, “हम इस साल तीन टेस्ट मैच खेलेंगे। हमने एक ऑस्ट्रेलिया में खेला, एक अभी लॉर्ड्स में खेला और फिर दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका में एक मैच खेलना है। तो मुझे लगता है कि एक साल में तीन टेस्ट मैच हो रहे हैं। क्यों नहीं? लेकिन मैं इस पर कोई राय देने या ज्यादा कुछ कहने वाला व्यक्ति नहीं हूं। फिर भी, अगर ऐसा होता है तो बहुत अच्छा है।”
उनका कंट्रोल शानदार था: मजूमदार ने क्रांति गौड़ की तारीफ की
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि क्रांति ने जिस तरह की बॉलिंग की, उसमें उनका कंट्रोल शानदार था। वह बिल्कुल सही चैनल में बॉलिंग कर रही थीं। लाइन और लेंथ पर उनका कंट्रोल बहुत बढ़िया था। उन्होंने कभी भी छोटी गेंदें नहीं फेंकीं शायद इक्का-दुक्का गेंदें ऐसी रही हों लेकिन ज्यादातर गेंदें ‘गुड-लेंथ’ एरिया में ही थीं, जिसकी हम लंबे समय से बात कर रहे हैं। मुझे लगता है कि उन्हें कंट्रोल, लाइन और लेंथ पर टिके रहने का इनाम मिला है। मेरे हिसाब से यह टेस्ट मैच वाली अच्छी बॉलिंग थी।”









