
आज विराट कोहली दुनिया के सबसे फिट क्रिकेटरों में गिने जाते हैं। उनकी शानदार फिटनेस, अनुशासित दिनचर्या और सख्त डाइट लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब विराट दिल्ली के दूसरे युवाओं की तरह स्वादिष्ट खाने के बड़े शौकीन थे।
छोले-भटूरे, ब्रेड पकोड़ा, पनीर खुरचन और कसाटा आइसक्रीम जैसी चीजें उन्हें बेहद पसंद थीं। हालांकि, एक घटना ने उनकी सोच पूरी तरह बदल दी और उन्होंने फिटनेस को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना लिया।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बदली सोच
सचिन तेंदुलकर ने 2022 में विराट कोहली के 100वें टेस्ट मैच के मौके पर बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में यह किस्सा बताया था। उन्होंने बताया कि साल 2011 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारतीय टीम कैनबरा में थी। वहां विराट कोहली अक्सर एक थाई रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते थे।
एक रात दोनों ने साथ में भरपेट खाना खाया और उसके बाद टहलने निकले। उसी दौरान विराट ने सचिन से कहा, “पाजी, बहुत हो गया, अब फिटनेस पर ध्यान देना है।” यह बात सुनकर सचिन को महसूस हुआ कि विराट अपने करियर को नई दिशा देने का फैसला कर चुके हैं।
सचिन ने की विराट की तारीफ
सचिन ने उस वीडियो में कहा कि विराट ने जो फैसला उस दिन लिया था, उसे उन्होंने पूरी ईमानदारी से निभाया। उन्होंने अपनी फिटनेस पर लगातार मेहनत की और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सचिन ने विराट को शानदार रोल मॉडल बताते हुए कहा कि उनके क्रिकेट रिकॉर्ड अपनी जगह हैं, लेकिन उनकी मेहनत और अनुशासन भी उतना ही प्रेरणादायक है।
विराट कोहली की सख्त डाइट, नियमित वर्कआउट और अनुशासित जीवनशैली ने उन्हें दुनिया के सबसे फिट खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। 37 साल की उम्र में भी उनकी ऊर्जा, फुर्ती और मैदान पर फिटनेस युवा खिलाड़ियों के लिए मिसाल बनी हुई है।
यही वजह है कि विराट सिर्फ अपने खेल से ही नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली से भी लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं। फिटनेस के प्रति उनकी यह सोच बताती है कि सही समय पर लिया गया एक फैसला किसी भी इंसान की पूरी जिंदगी बदल सकता है।










