
दुनिया के महानतम फील्डरों में गिने जाने वाले पूर्व दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने भारतीय स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की फील्डिंग को लेकर दिलचस्प टिप्पणी की है। रोड्स का मानना है कि कोहली भारत के सर्वश्रेष्ठ फील्डर नहीं हैं, लेकिन वह एक बेहतरीन और बेहद प्रभावशाली फील्डर जरूर हैं।
बता दें कि विराट इस समय हैमस्ट्रिंग चोट के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज से बाहर हैं। हालांकि, 37 साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस, फुर्ती और मैदान पर ऊर्जा युवा खिलाड़ियों को टक्कर देती है।
जोंटी रोड्स ने प्रखर गुप्ता के यूट्यूब चैनल पर कहा कि कोहली की सबसे बड़ी ताकत उनकी ऊर्जा और खेल के प्रति जुनून है। चाहे बल्लेबाजी हो, कप्तानी हो या फील्डिंग, वह हर भूमिका में पूरी तीव्रता के साथ नजर आते हैं।
हालांकि, रोड्स ने यह भी कहा कि जब टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही होती है, तब उनकी आक्रामकता सकारात्मक प्रभाव डालती है। लेकिन जब परिस्थितियां खराब होती हैं, तब यही आक्रामकता ड्रेसिंग रूम के माहौल को प्रभावित कर सकती है। उनके अनुसार, खिलाड़ियों को कठिन समय में अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना भी उतना ही जरूरी होता है।
रोड्स ने विराट कोहली की बल्लेबाजी की भी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कोहली अपनी पीढ़ी के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं। उनके मुताबिक, अगर किसी चीज ने कोहली को थोड़ा परेशान किया है, तो वह इंग्लैंड की स्विंग गेंदबाजी रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि स्विंग गेंदबाजी के सामने संघर्ष करना किसी भी बल्लेबाज के लिए सामान्य बात है और इससे कोहली की महानता कम नहीं होती।
कोहली और सचिन की तुलना पर क्या बोले रोड्स?
बातचीत के दौरान रोड्स से विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर की तुलना को लेकर भी सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड्स के मामले में कोहली आगे निकल सकते हैं, लेकिन दोनों खिलाड़ियों की तुलना करना सही नहीं है।
रोड्स का मानना है कि भारत को खुद को भाग्यशाली समझना चाहिए कि उसे लगातार दो पीढ़ियों में सचिन और विराट जैसे महान बल्लेबाज मिले। उन्होंने कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को प्रेरित भी किया है।
जोंटी रोड्स ने अंत में कहा कि सचिन और विराट की उपलब्धियों की तुलना करने के बजाय उनके योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, भारत ने क्रिकेट इतिहास के दो सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों को देखा है और यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।









