
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 4-0 की हार और उससे पहले आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से मिली शिकस्त के बाद, भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर आलोचनाओं के घेरे में हैं। हालांकि, पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने अय्यर का समर्थन करते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी या कप्तान को कुछ मैचों के आधार पर नहीं परखा जाना चाहिए।
जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि श्रेयस पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह उनके लिए नया अनुभव है। उन्होंने भरोसा जताया कि अय्यर आने वाले समय में बेहतर कप्तान साबित होंगे। जाफर के अनुसार, उन्होंने कप्तानी में कोई बड़ी गलती नहीं की और टीम की हार सिर्फ कप्तान की जिम्मेदारी नहीं थी।
वसीम जाफर का मानना है कि इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम सामूहिक रूप से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने कहा कि श्रेयस ने बल्ले से भी योगदान दिया और कप्तान के रूप में भी संतुलित फैसले लेने की कोशिश की।
जाफर ने याद दिलाया कि आईपीएल में श्रेयस अय्यर ने अपनी कप्तानी से शानदार सफलता हासिल की है। ऐसे में कुछ खराब नतीजों के कारण उनकी कप्तानी पर सवाल उठाना सही नहीं होगा।
युवा खिलाड़ियों को परखने का था मौका
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा कि उन्हें लगा कि टीम प्रबंधन ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे को युवा खिलाड़ियों को आजमाने के अवसर के रूप में देखा। इस दौरान कई नए खिलाड़ियों को मौका दिया गया, जबकि कुछ अनुभवी खिलाड़ियों को आराम भी मिला।
जाफर का मानना है कि टीम प्रबंधन का मकसद सिर्फ सीरीज जीतना नहीं, बल्कि यह समझना था कि कौन से खिलाड़ी विदेशी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। इससे भविष्य की टीम तैयार करने में मदद मिलेगी।
जाफर ने कहा कि ऐसे दौरे लंबे समय की योजनाओं का हिस्सा होते हैं। टीम मैनेजमेंट आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों की क्षमता और मानसिक मजबूती को परख रहा है। उनका विश्वास है कि श्रेयस अय्यर इस अनुभव से सीखेंगे और आने वाले समय में भारतीय टीम को बेहतर दिशा देंगे।









