आईपीएल 2026 अब तक का सबसे विस्फोटक सीजन बनता नजर आ रहा है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा और पूर्व कोच संजय बांगर ने इस बदलाव के पीछे की वजहों को विस्तार से समझाया है। आंकड़े बताते हैं कि 35 मैचों के बाद टीमों की औसत रनगति 9.79 तक पहुंच चुकी है, जबकि पावरप्ले में यह 10 रन प्रति ओवर हो गई है, जो अब तक का सबसे ज्यादा है।
इस सीजन में युवा खिलाड़ियों ने खास प्रभाव डाला है। अभिषेक शर्मा, प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ी शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे हैं।
वहीं ईशान किशन और देवदत्त पडिक्कल जैसे अनुभवी बल्लेबाज भी खुलकर खेल रहे हैं। इसका असर यह हुआ है कि 200 से ज्यादा रन के स्कोर अब आम हो गए हैं। इस सीजन में अब तक 29 बार 200+ स्कोर बने हैं, जो पहले की तुलना में लगभग दोगुना है।
इस सीजन की सबसे खास बात यह है कि बड़े स्कोर का पीछा करना भी आसान हो गया है। 35 मैचों तक 7 बार 200+ स्कोर सफलतापूर्वक चेज किए जा चुके हैं। खासतौर पर पंजाब किंग्स ने 265 रन का विशाल लक्ष्य हासिल कर सबको चौंका दिया।
इसके अलावा सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने भी बड़े लक्ष्यों का सफल पीछा किया है, जिससे यह साफ होता है कि बल्लेबाजों का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है।
रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े और नई सोच
इस सीजन में हर 4.5 गेंद पर एक बाउंड्री लग रही है, जबकि पावरप्ले में यह आंकड़ा 3.8 गेंद पर पहुंच गया है। कुल रन का 64 प्रतिशत हिस्सा बाउंड्री से आ रहा है, जो इस फॉर्मेट में बल्लेबाजों के आक्रामक रुख को दर्शाता है। वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया है। सूर्यवंशी का स्ट्राइक रेट 238.09 है, जो इस सीजन में सबसे ज्यादा है।
पुजारा के अनुसार, अब बल्लेबाजी का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। पहले जहां पारी को संभालकर खेलने पर जोर था, अब कम गेंदों में ज्यादा रन बनाने पर फोकस है। वहीं बांगड़ का मानना है कि ‘स्ट्राइक रेट’ ही आज के टी20 क्रिकेट की असली पहचान बन चुका है। सीजन के दूसरे हाफ में जहां गेंदबाज वापसी की कोशिश करेंगे, वहीं बल्लेबाज अपने दबदबे को और मजबूत करना चाहेंगे। ऐसे में दर्शकों को आने वाले मैचों में और भी ज्यादा रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिल सकते हैं।








