WPL 2027 ऑक्शन में चमारी अटापट्टू को नहीं मिला कोई खरीदार, ये हैं 3 बड़ी वजहें
खराब WPL प्रदर्शन और विदेशी खिलाड़ियों के सीमित स्थान अटापट्टू के लिए बने मुश्किल।
अद्यतन – अक्टूबर 29, 2026 6:27 अपराह्न

महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2027 की मिनी नीलामी 28 अक्टूबर को कोच्चि के ग्रैंड हयात होटल में आयोजित हुई। इस नीलामी में कई खिलाड़ियों पर फ्रेंचाइजियों ने जमकर पैसे खर्च किए, लेकिन कुछ बड़े नामों को कोई खरीदार नहीं मिला। इनमें श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम की कप्तान चमारी अटापट्टू का नाम भी शामिल है।
चमारी अटापट्टू ने अपना बेस प्राइस 30 लाख रुपये रखा था, लेकिन किसी भी फ्रेंचाइजी ने उन पर बोली नहीं लगाई। इस बार नीलामी में पांच टीमों के पास कुल 27 स्थान खाली थे, जिनके लिए 150 खिलाड़ी मैदान में थीं।
अटापट्टू उन 17 खिलाड़ियों में शामिल रहीं, जिनका बेस प्राइस 30 लाख रुपये था, लेकिन उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला। आइए जानते हैं कि आखिर किन तीन वजहों से चमारी अटापट्टू इस बार नीलामी में अनसोल्ड रह गईं।
1. महिला प्रीमियर लीग में खराब प्रदर्शन
चमारी अटापट्टू के नहीं बिकने की पहली संभावित वजह उनका पिछला WPL प्रदर्शन हो सकता है। साल 2024 में वह यूपी वॉरियर्स टीम का हिस्सा थीं। उस सीजन में उन्होंने चार मुकाबले खेले, जिसमें वह सिर्फ 28 रन बना सकीं और गेंदबाजी में चार विकेट हासिल किए।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और महिला बिग बैश लीग में अटापट्टू ने कई बार बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन WPL में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। यही वजह हो सकती है कि फ्रेंचाइजियों ने उन पर भरोसा नहीं जताया। इसके अलावा, WPL 2026 की मेगा नीलामी में भी उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला था।
2. विदेशी खिलाड़ियों के लिए सीमित जगह
अटापट्टू के अनसोल्ड रहने की दूसरी बड़ी वजह विदेशी खिलाड़ियों के लिए कम स्थान होना भी माना जा सकता है। WPL 2027 की नीलामी में विदेशी खिलाड़ियों के लिए सिर्फ सात स्थान उपलब्ध थे। वहीं, नियमों के अनुसार एक टीम अपनी प्लेइंग इलेवन में अधिकतम चार विदेशी खिलाड़ियों को ही शामिल कर सकती है।
ऐसे में सभी फ्रेंचाइजियों ने अपनी टीम की जरूरत और बजट को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों का चुनाव किया। कुछ टीमों को विशेषज्ञ बल्लेबाजों की जरूरत थी, तो कुछ अच्छी गेंदबाजों की तलाश में थीं। चमारी अटापट्टू एक अनुभवी ऑलराउंडर हैं, लेकिन संभव है कि वह किसी टीम की मौजूदा जरूरतों में फिट नहीं बैठी हों।
3. उम्र भी हो सकती है एक वजह
चमारी अटापट्टू की उम्र 36 साल है और वह महिला क्रिकेट की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं। हालांकि, उनका अनुभव किसी भी टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन फ्रेंचाइजियां भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे सकती हैं।
WPL जैसी प्रतियोगिता में टीमें ऐसे खिलाड़ियों को भी चुनना चाहती हैं, जो आने वाले कई सीजन तक टीम का हिस्सा बन सकें। हालांकि, केवल उम्र को उनके नहीं बिकने की वजह मानना सही नहीं होगा। अटापट्टू ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बार साबित किया है कि वह आज भी अपने दम पर मैच का रुख बदल सकती हैं।
चमारी अटापट्टू श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम की सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी गेंदबाजी से कई मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई है।
इसके बावजूद लगातार दूसरी बार WPL नीलामी में उनका अनसोल्ड रहना हैरान करने वाला है। हालांकि, फ्रेंचाइजियों ने उन्हें नहीं चुनने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है। ऐसे में माना जा सकता है कि सीमित विदेशी स्थान, टीमों की जरूरत, पिछला WPL प्रदर्शन और उम्र जैसे कई कारण उनके नहीं बिकने के पीछे हो सकते हैं।










