पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज विजयकुमार वैशाक ने आईपीएल 2026 में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है। उन्होंने साफ कहा कि वह 155 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी नहीं करते, लेकिन 140-144 किमी/घंटा की गति और अपनी विविधता के दम पर बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। उनके अनुसार, टी20 क्रिकेट में सिर्फ तेज गति ही सब कुछ नहीं होती, बल्कि सही रणनीति और गेंदबाजी का तरीका ज्यादा मायने रखता है।
व्याशक ने बताया कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि उन्हें पावरप्ले में गेंदबाजी करनी है या डेथ ओवर्स में। उनका मुख्य लक्ष्य टीम के लिए योगदान देना है। उन्होंने कहा कि उन्हें चुनौतियां पसंद हैं और वे हर स्थिति में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहते हैं।
IPL में मेहनत से बनाई पहचान
विजयकुमार वैशाक ने 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए डेब्यू किया था और अपनी धीमी गेंदों व कटर से खास पहचान बनाई। बाद में पंजाब किंग्स ने उन्हें 1.80 करोड़ रुपये में खरीदा। चोट के कारण पिछले सीजन का बड़ा हिस्सा मिस करने के बावजूद, उन्होंने वापसी करते हुए खुद को टीम का अहम हिस्सा बना लिया।
व्याशक अपनी सफलता का श्रेय कर्नाटक के घरेलू क्रिकेट और अपने कोचों को देते हैं। उनका मानना है कि भारत में घरेलू क्रिकेट खेलते समय अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने से आत्मविश्वास बढ़ता है। साथ ही, वीडियो एनालिसिस के दौर में गेंदबाजों को हर सीजन कुछ नया सीखना जरूरी हो गया है।
विजयकुमार वैशाक का मानना है कि अगर गेंदबाज आत्मविश्वास में है और अपनी योजना सही तरीके से लागू कर रहा है, तो सामने कौन सा बल्लेबाज है, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने आयुष म्हात्रे के विकेट का उदाहरण देते हुए बताया कि सही रणनीति से बड़े बल्लेबाजों को भी रोका जा सकता है।
भारतीय टीम में खेलने का सपना
व्याशक का सपना भारतीय टीम के लिए खेलना है, खासकर टेस्ट क्रिकेट में। उन्होंने कहा कि भारत के लिए टेस्ट मैच खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है और वह भी इसे हासिल करना चाहते हैं।
इस सीजन में विजयकुमार वैशाक ने दो मैचों में पांच विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया है। गुजरात टाइटंस के खिलाफ 3/34 का स्पेल और CSK के खिलाफ अहम विकेट लेकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में से एक बन चुके हैं।






