
भारत ए और श्रीलंका ए के बीच त्रिकोणीय सीरीज का फाइनल 21 जून को दांबुला में खेला जाएगा। मुकाबले से पहले दोनों टीमों के बीच पिछले मैच में हुए विवाद की चर्चा अभी भी जारी है। हालांकि, श्रीलंका ए के कप्तान साहन अरच्चिगे (Sahan Arachchige) ने साफ कर दिया है कि उनकी टीम भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को निशाना बनाने की कोई योजना नहीं बना रही है।
सुपर ओवर के बाद हुआ था विवाद
यह मामला 15 जून को खेले गए रोमांचक मुकाबले के बाद सामने आया था। उस मैच में श्रीलंका ए ने सुपर ओवर में भारत ए को हराया था। मुकाबले के बाद वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई बल्लेबाज विशेन हलाम्बागे के बीच तीखी बहस हो गई थी, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हलाम्बागे मैच के दौरान लगातार वैभव को स्लेजिंग कर रहे थे। इसके बाद मामला बढ़ गया और मैच अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस घटना के बाद हलाम्बागे पर जुर्माना लगाया गया, जबकि बीच-बचाव करने वाले निरोशन डिकवेला को भी सजा मिली।
कप्तान ने खत्म की अटकलें
इस बीच, फाइनल से पहले साहन अरच्चिगे ने कहा कि उनकी टीम अब उस घटना को भूल चुकी है। उन्होंने बताया कि करीबी मुकाबलों में खिलाड़ियों की भावनाएं उभरकर सामने आना सामान्य बात है, लेकिन अब पूरा ध्यान फाइनल जीतने पर है। श्रीलंकाई कप्तान ने कहा कि उनकी टीम किसी खिलाड़ी को अलग से टारगेट नहीं कर रही है और सभी खिलाड़ी सिर्फ खेल का आनंद लेते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं।
दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी भी फाइनल में शानदार प्रदर्शन करना चाहेंगे। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी की है, लेकिन अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए हैं।
चार पारियों में उन्होंने 117 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 150 से अधिक रहा है। ऐसे में खिताबी मुकाबले में सभी की नजरें इस युवा बल्लेबाज पर होंगी। यदि वैभव बड़ी पारी खेलने में सफल रहते हैं, तो भारत ए के लिए ट्रॉफी जीतने की राह आसान हो सकती है।









